Guillain Barre Syndrome: पुणे में अब तक 111 केस, वेंटिलेटर पर 17 मरीज

पुणे में Guillain-Barre Syndrome (GBS) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर ने बताया कि अब तक कुल 111 मामले सामने आए हैं.

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Guillain Barre Syndrome Update: पुणे में Guillain-Barre Syndrome (GBS) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अबितकर ने बताया कि अब तक कुल 111 मामले सामने आए हैं. इस बीमारी से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है, जबकि 17 मरीज वेंटिलेटर पर हैं.

प्रकाश अबितकर ने कहा, "GBS के मरीजों की बढ़ती संख्या चिंताजनक है. हमने विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम से सलाह लेने का निर्णय लिया है. पुणे नगर निगम और महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मरीजों की संख्या नियंत्रित की जा सके."

पुणे नगर निगम ने इस गंभीर स्थिति से निपटने के लिए कमला नेहरू अस्पताल में 45 बिस्तरों वाला एक विशेष वार्ड बनाया है, जहां प्रभावित मरीजों का इलाज किया जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र स्वास्थ्य विभाग और पुणे नगर निगम मिलकर इस बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं. नगर निगम की सीमा में आने वाले GBS मरीजों का इलाज नगर निगम के अस्पतालों में नि:शुल्क किया जाएगा.

WHO की टीम ने किया दौरा

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक टीम ने पुणे नगर आयुक्त डॉ. राजेंद्र भोसले के साथ पुणे जिले के हवेली तहसील के नांदेड़ गांव का दौरा किया. माना जा रहा है कि यह बीमारी संक्रमित पानी के कारण फैली है.

गुलियन-बैरे सिंड्रोम (GBS) क्या है?

गुलियन-बैरे सिंड्रोम एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली तंत्रिकाओं पर हमला करती है. यह बीमारी सुनने और मांसपेशियों में कमजोरी का कारण बनती है. इसके लक्षण तेजी से गंभीर हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

GBS का कारण क्या है?

GBS मुख्य रूप से बैक्टीरियल और वायरल संक्रमणों के कारण होता है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देते हैं. पुणे में इस बीमारी का संभावित कारण संक्रमित पानी माना जा रहा है.

बीमारी से बचाव और सावधानियां

पुणे में Guillain-Barre Syndrome के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट कर दिया है. सरकार और स्थानीय प्रशासन इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठा रहे हैं. हम सभी की जिम्मेदारी है कि स्वच्छता का ध्यान रखें और किसी भी लक्षण के नजर आते ही चिकित्सा सहायता लें.

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