नई दिल्ली: देश में जीएसटी (GST) व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को एक अहम बैठक में कहा कि जीएसटी दरों में सुधार (GST Rate Rejig) से आम जनता, किसानों, मध्यम वर्ग और छोटे व्यापारियों को सीधी राहत मिलेगी. वित्त मंत्री ने बताया कि नया जीएसटी तीन स्तंभों पर आधारित होगा. पहला संरचनात्मक सुधार, दूसरा दर युक्तिकरण (Rate Rationalisation) और तीसरा लोगों के जीवन को आसान बनाना. उन्होंने कहा कि यह सुधार केवल टैक्स का ढांचा बदलने के लिए नहीं बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को सरल और सस्ता बनाने के लिए किए जा रहे हैं.
पीएम मोदी का ऐलान और राज्यों से चर्चा
पिछले हफ्ते स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी दरों में बदलाव की घोषणा की थी. उसी कड़ी में वित्त मंत्री ने राज्यों के ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) के सामने सरकार की विस्तृत योजना रखी.
बैठक में मुख्य रूप से तीन मुद्दों पर चर्चा हुई
- जीएसटी दरों का युक्तिकरण
- बीमा पर टैक्स (हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर टैक्स घटाने की संभावना)
- मुआवजा उपकर (Compensation Cess)
क्या होगा सस्ता, क्या रहेगा महंगा?
वर्तमान में जीएसटी की चार स्लैब हैं: 5%, 12%, 18% और 28%. नई व्यवस्था में इन दरों में बदलाव देखने को मिलेगा. 5% और 18% स्लैब बरकरार रहेंगे. 40% का एक नया स्लैब जोड़ा जाएगा, लेकिन यह केवल 5-7 लग्जरी आइटम्स पर लागू होगा. आम जरूरत की चीजों को कम दर वाले स्लैब में रखा जाएगा ताकि किसानों और मध्यम वर्ग की जेब पर बोझ न पड़े.
जीएसटी सुधारों को लेकर क्या है सरकार का फोकस
- आम जनता को राहत देना.
- बीमा जैसी जरूरतों को सस्ता करना.
- लक्जरी प्रोडक्ट्स पर ज्यादा टैक्स लगाना.
- सबसे अहम, टैक्स ढांचे को सरल बनाना.
दिवाली तक लागू हो सकती हैं नई दरें
सूत्रों के मुताबिक, राज्यों की सहमति के बाद ये प्रस्ताव अगले महीने जीएसटी काउंसिल को भेजे जाएंगे. यदि मंजूरी मिलती है तो दिवाली तक नई दरें लागू कर दी जाएंगी. वित्त मंत्रालय ने भी कहा कि केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर सहकारी संघवाद (Cooperative Federalism) की भावना में आगे बढ़ते हुए इस सुधार को लागू करेगी.
अगर ये बदलाव समय पर लागू हो जाते हैं तो दिवाली पर देश की बड़ी आबादी को महंगाई से राहत का तोहफा मिल सकता है.













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