नई दिल्ली: यदि आप नया पासपोर्ट बनवाने या पुराने को रिन्यू कराने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है. विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) (MEA) ने पासपोर्ट आवेदन और री-इश्यू (दोबारा जारी करने) की फीस में बड़ा इजाफा कर दिया है. 'पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026' (Passports (Amendment) Rules, 2026) के तहत तय की गई यह नई दरें बुधवार, 1 जुलाई 2026 से लागू हो जाएंगी. आपको बता दें कि देश के पासपोर्ट टैरिफ स्ट्रक्चर में लगभग 14 साल (साल 2012 के बाद) में यह पहला बड़ा बदलाव है. यह भी पढ़ें: India's New ePassport: भारत में शुरू हुआ चिप वाले ई-पासपोर्ट का दौर; जानिए इसके फीचर्स, फायदे और आवेदन करने का पूरा तरीका
नॉर्मल और तत्काल कैटेगरी की नई दरें
नए नियमों के अनुसार, वयस्कों (Adults) के लिए 36 पन्नों का नया साधारण पासपोर्ट बनवाने या रिन्यू कराने की फीस 1,500 रुपये से बढ़ाकर सीधे 2,500 रुपये कर दी गई है. वहीं, जो लोग ज्यादा यात्रा करते हैं और 60 पन्नों का भारी बुकलेट चाहते हैं, उन्हें अब सामान्य प्रक्रिया के तहत 2,000 रुपये की जगह 3,500 रुपये का भुगतान करना होगा.
तत्काल (Expedited Tatkaal) सेवा के तहत भी दरों में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है. अब 36 पन्नों का तत्काल पासपोर्ट 5,000 रुपये और 60 पन्नों का तत्काल पासपोर्ट 6,000 रुपये में बनेगा.
1 जुलाई से नई पासपोर्ट फीस लागू होगी
Centre hikes fees for Passport application; ₹2,500 for an ordinary fresh passport or reissue of passport containing 36 pages; ₹5,000 Tatkal fee. pic.twitter.com/GIeeC0eEYf
— Arvind Gunasekar (@arvindgunasekar) June 25, 2026
पासपोर्ट फीस का नया स्ट्रक्चर (नॉर्मल बनाम तत्काल)
नीचे दी गई तालिका में आप पुरानी और नई दरों की पूरी तुलना देख सकते हैं:
| आवेदन का प्रकार और श्रेणी | पुरानी नॉर्मल फीस | नई नॉर्मल फीस | पुरानी तत्काल फीस | नई तत्काल फीस |
| नया / री-इश्यू (36 पन्ने, वयस्क) | ₹1,500 | ₹2,500 | ₹3,500 | ₹5,000 |
| नया / री-इश्यू (60 पन्ने, वयस्क) | ₹2,000 | ₹3,500 | ₹4,000 | ₹6,000 |
| नया / री-इश्यू (36 पन्ने, 18 साल से कम उम्र) | ₹1,000 | ₹1,750 | ₹3,000 | ₹4,250 |
| खोया / क्षतिग्रस्त रिप्लेसमेंट (36 पन्ने) | ₹3,000 | ₹5,000 | ₹5,000 | ₹7,500 |
| खोया / क्षतिग्रस्त रिप्लेसमेंट (60 पन्ने) | ₹3,500 | ₹6,000 | ₹5,500 | ₹8,500 |
(नोट: कुल तत्काल शुल्क में मूल आवेदन शुल्क के साथ त्वरित प्रोसेसिंग का अतिरिक्त सरचार्ज शामिल है।)
अन्य सेवाओं और वाणिज्य दूतावास शुल्कों में भी बदलाव
पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत केवल मुख्य पासपोर्ट ही नहीं, बल्कि उससे जुड़ी अन्य सहायक सेवाओं की फीस भी बढ़ाई गई है:
- पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC): इसकी फीस 500 रुपये से बढ़ाकर 750 रुपये कर दी गई है.
- सरेंडर सर्टिफिकेट और जीईपी (GEP) वेरिफिकेशन: इसके लिए भारत में 750 रुपये और विदेशी दूतावासों में 40 अमेरिकी डॉलर (USD) का शुल्क तय किया गया है.
- इमरजेंसी सर्टिफिकेट (EC): यह भारत के भीतर तो मुफ्त रहेगा, लेकिन विदेशों में मौजूद भारतीय मिशनों से इसे जारी कराने पर 15 अमेरिकी डॉलर का शुल्क लगेगा. यह भी पढ़ें: Passport Price Hike: आम जनता पर बढ़ा बोझ, 1 जुलाई से महंगा हो जाएगा भारतीय पासपोर्ट; विदेश मंत्रालय ने जारी की नई दरों की सूची
क्यों बढ़ाई गई फीस और किसे मिलेगी छूट?
केंद्र सरकार ने पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 24 का उपयोग करते हुए 'पासपोर्ट नियम, 1980' की अनुसूची IV में संशोधन कर यह निर्णय लिया है. अधिकारियों के मुताबिक, बढ़ते प्रशासनिक खर्चों को प्रबंधित करने और अगली पीढ़ी (नेक्स्ट-जेनरेशन) के सुरक्षित डिजिटल यात्रा दस्तावेजों (जैसे ई-पासपोर्ट) को अपग्रेड करने के लिए यह बढ़ोतरी जरूरी थी.
राहत की बात: विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वरिष्ठ नागरिकों (60 वर्ष से अधिक) और छोटे बच्चों (8 वर्ष तक) के नए पासपोर्ट आवेदनों पर मिलने वाली 10 प्रतिशत की बुनियादी छूट आगे भी जारी रहेगी.
महत्वपूर्ण समय सीमा: जिन आवेदकों ने 30 जून 2026 की रात 12:00 बजे से पहले अपना आवेदन और भुगतान पूरी तरह जमा कर दिया है, उनके आवेदन पुरानी दरों पर ही प्रोसेस किए जाएंगे. इसके बाद जमा होने वाले सभी आवेदनों पर नया शुल्क लागू होगा.












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