George Kurian Resigns: केंद्रीय राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा, भाजपा द्वारा राज्यसभा का टिकट न मिलने के बाद छोड़ा पद
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा उन्हें दोबारा राज्यसभा का उम्मीदवार न बनाए जाने और उच्च सदन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है.
George Kurian Resigns: केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य और मत्स्य पालन, पशुपालन व डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा आगामी राज्यसभा चुनावों के लिए उन्हें दोबारा उम्मीदवार घोषित न किए जाने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है. उच्च सदन (राज्यसभा) में उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनका मंत्रिपरिषद से बाहर होना संवैधानिक बाध्यता बन गया था.
राष्ट्रपति भवन ने जारी की आधिकारिक अधिसूचना
राष्ट्रपति भवन द्वारा जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा स्वीकार किया है. कुरियन का राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्यकाल 21 जून 2026 को समाप्त हो गया था. संवैधानिक नियमों के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति संसद के किसी भी सदन का सदस्य नहीं रहता है, तो उसे छह महीने के भीतर दोबारा निर्वाचित होना पड़ता है. चूंकि उन्हें भाजपा द्वारा दोबारा नामित नहीं किया गया, इसलिए उन्होंने अपना कार्यकाल समाप्त होते ही पद से इस्तीफा दे दिया. यह भी पढ़े: Raghav Chadha Resigns: केजरीवाल को बड़ा झटका, राघव चड्ढा ने AAP से दिया इस्तीफा, दो-तिहाई राज्यसभा सांसदों के साथ BJP में शामिल होने का ऐलान; VIDEO
भाजपा सूची में नहीं मिला स्थान
भाजपा ने हाल ही में विभिन्न राज्यों के लिए अपने राज्यसभा उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की थी, जिसमें जॉर्ज कुरियन का नाम शामिल नहीं था. पार्टी ने मध्य प्रदेश से खाली हो रही दो सीटों पर उनके स्थान पर राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को चुनावी मैदान में उतारा है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कुरियन को इस फैसले के बारे में पहले से सूचित नहीं किया गया था और इस सूची में उनका नाम न होना राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है. उनके साथ ही एक अन्य केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भी इस बार राज्यसभा का टिकट नहीं मिला है.
केरल में भाजपा का बड़ा चेहरा
पेशे से वकील जॉर्ज कुरियन साल 1980 में भाजपा की स्थापना के समय से ही पार्टी से जुड़े हुए हैं. उन्होंने संगठन में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है, जिसमें केरल भाजपा के प्रदेश महासचिव, भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के राष्ट्रीय सचिव और भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य का पद शामिल है.
उन्हें जून 2024 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था. उन्हें केरल में ईसाई समुदाय के बीच भाजपा की पकड़ मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण चेहरे के रूप में देखा जाता था. वे केरल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभाओं के दौरान उनके भाषणों का मलयालम में अनुवाद भी करते रहे हैं.
संसदीय कार्यकाल और राजनीतिक पृष्ठभूमि
जॉर्ज कुरियन अगस्त 2024 में मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए थे. यह सीट ज्योतिरादित्य सिंधिया के लोकसभा सदस्य के रूप में चुने जाने के बाद खाली हुई थी. केंद्रीय राजनीति में आने से पहले कुरियन ने साल 2016 के केरल विधानसभा चुनाव में पुथुपल्ली निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था, हालांकि उन्हें वहां सफलता नहीं मिली थी.
कुरियन के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार द्वारा उनके मंत्रालयों (अल्पसंख्यक कार्य और मत्स्य पालन) का प्रभार मंत्रिपरिषद के अन्य सदस्यों को सौंपे जाने की संभावना है. उनका मंत्रिमंडल से बाहर होना भाजपा की संसदीय रणनीति में हो रहे बदलावों को दर्शाता है.