वायनाड भूस्खलन: राहुल और प्रियंका गांधी के दौरा न करने पर BJP हमलावर, अमित मालवीय बोले- 'चुनाव से पहले नहीं, संकट में साथ खड़े होने से मापी जाती है सहानुभूति'
राहुल गांधी, प्रियंका गांधी (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Part) (BJP) ने रविवार, 12 जुलाई 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा पर तीखा हमला बोला है. भाजपा ने दोनों नेताओं पर केरल के वायनाड में हाल ही में हुए भूस्खलन (Landslide) के पीड़ितों के प्रति संवेदनहीनता दिखाने का आरोप लगाया है. वायनाड (Wayanad) से लोकसभा सांसद प्रियंका गांधी और पूर्व सांसद राहुल गांधी ने इस त्रासदी पर अपनी संवेदनाएं तो व्यक्त की हैं, लेकिन घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी दोनों में से किसी नेता ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा नहीं किया है. भाजपा ने इसे लेकर कांग्रेस नेतृत्व की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. यह भी पढ़ें: Kerala: वायनाड लैंडस्लाइड हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 7 हुई, 1 अब भी लापता; सुरंग परियोजना को लेकर छिड़ा सियासी घमासान

'संकट की घड़ी में लोगों के साथ खड़े होना ही सच्ची सहानुभूति'

भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस के दोनों शीर्ष नेताओं को घेरा। अमित मालवीय ने लिखा:

"नवीनतम वायनाड भूस्खलन में जानमाल के व्यापक नुकसान और तबाही के कई दिन बीत जाने के बाद भी, न तो राहुल गांधी और न ही प्रियंका वाड्रा ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने या पीड़ितों से मिलने का समय निकाला है. सहानुभूति लोगों के सबसे काले दौर में उनके साथ खड़े होने से मापी जाती है, न कि केवल चुनाव से ठीक पहले अपनी उपस्थिति दर्ज कराने से."

अमित मालवीय ने कांग्रेस के समर्थक बुद्धिजीवियों और सोशल मीडिया इकोसिस्टम पर भी निशाना साधते हुए कहा कि आम तौर पर हर मुद्दे पर मुखर रहने वाले इस तंत्र ने वायनाड की इस त्रासदी और अपने नेताओं की अनुपस्थिति पर पूरी तरह से चुप्पी साध ली है.

वायनाड सुरंग परियोजना स्थल पर हुआ था हादसा

यह राजनीतिक विवाद गत 7 जुलाई को वायनाड के अनाकम्पोयिल-मेप्पडी सुरंग परियोजना (Anakkampoyil–Meppadi Tunnel Project) स्थल पर हुए एक बड़े भूस्खलन के बाद शुरू हुआ। मानसून की भारी बारिश के कारण हुए इस भूस्खलन के मलबे से रविवार तक कुल आठ शव बरामद किए जा चुके हैं. हाल ही में बरामद किया गया शव निर्माण प्रबंधक (कन्स्ट्रक्शन मैनेजर) विक्रम राणा का माना जा रहा है. इस हादसे के बाद से ही क्षेत्र में बड़े पैमाने पर बचाव और राहत कार्य संचालित किए जा रहे हैं.

संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले राहुल गांधी के 'लापता' होने पर सवाल

भाजपा ने राहुल गांधी की राजनीतिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं. सत्ताधारी दल का आरोप है कि राहुल गांधी ने सरकार के खिलाफ "छात्रों की गूंज" अभियान को आक्रामक रूप से आगे बढ़ाने के बाद एक बार फिर सार्वजनिक परिदृश्य से दूरी बना ली है. रिपोर्टों के अनुसार, पिछले 20 दिनों से राहुल गांधी किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखाई नहीं दिए हैं और न ही उनके आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर 2 जुलाई के बाद से कोई अपडेट आया है. राजनीतिक गलियारों में उनके किसी विदेशी दौरे पर होने की अटकलें लगाई जा रही हैं.

भाजपा ने आगामी 20 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session of Parliament) का हवाला देते हुए पूछा है कि क्या देश को यह जानने का हक नहीं है कि उसके नेता प्रतिपक्ष महत्वपूर्ण राजनीतिक मोड़ों पर बार-बार अज्ञात दौरों पर क्यों चले जाते हैं?

कई महत्वपूर्ण संगठनात्मक कार्यक्रम स्थगित

राहुल गांधी की अनुपस्थिति का असर कांग्रेस के पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों पर भी पड़ता दिख रहा है. प्रयागराज में छात्रों की आवाज को बुलंद करने के उद्देश्य से 10 जुलाई को आयोजित होने वाले "छात्रों की गूंज" के मुख्य कार्यक्रम को बिना कोई स्पष्ट कारण बताए अचानक 19 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया है.

इसके अतिरिक्त, पंजाब जैसे चुनावी राज्य में जहाँ कांग्रेस आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही है, वहां भी पार्टी के राष्ट्रीय चेहरे की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं. भाजपा का कहना है कि किसी मुद्दे पर बड़ा हंगामा खड़ा करने के बाद ज़मीनी स्तर पर फॉलो-थ्रू (निरंतरता) की आवश्यकता होने पर गायब हो जाना राहुल गांधी की राजनीति का एक पुराना ढर्रा बन चुका है. फिलहाल इस पूरे विवाद पर कांग्रेस पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.