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Gaya New Name: गया बना गया जी, सीएम नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक में दी मंजूरी

बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए गया शहर का नाम अब आधिकारिक रूप से ‘गया जी’ कर दिया है. शुक्रवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.

Gaya New Name: गया बना गया जी, सीएम नीतीश कुमार ने कैबिनेट की बैठक में दी मंजूरी
Gaya | Wikimedia commons

पटना: बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए गया शहर का नाम अब आधिकारिक रूप से ‘गया जी’ कर दिया है. शुक्रवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. यह फैसला लंबे समय से स्थानीय जनता की भावनाओं और धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप लिया गया है. गया जी भारत का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां हर साल पितृपक्ष में लाखों श्रद्धालु पिंडदान के लिए आते हैं. यह परंपरा अनादि काल से चली आ रही है, और ऐसी मान्यता है कि यहां पिंडदान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है.

वायु पुराण के अनुसार, त्रेता युग में गयासुर नामक राक्षस ने कठोर तपस्या कर भगवान विष्णु से वरदान प्राप्त किया था. उस वरदान के कारण वह इतना पुण्यात्मा हो गया कि देवताओं ने उससे वर मांगा कि उसका शरीर पिंडदान के लिए इस्तेमाल किया जाए. इसी कारण इस स्थान का नाम ‘गया’ पड़ा, जो अब ‘गया जी’ बन गया है.

स्थानीय विधायक की वर्षों की मेहनत रंग लाई

गया के विधायक और सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार ने बताया कि वे पिछले 10 वर्षों से यह मांग उठा रहे थे. उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला स्थानीय आस्था और सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने वाला है. वर्ष 2022 में गया नगर निगम ने भी एक प्रस्ताव पारित कर इस नामकरण की मांग की थी.

पर्यटन और संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा

गया जी न केवल हिंदू धर्म में बल्कि बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए भी महत्वपूर्ण स्थान है. यह बदलाव अब पर्यटन क्षेत्र को भी नई पहचान और वैश्विक मान्यता देगा. गया जी अब एक धार्मिक ब्रांड के रूप में उभरेगा, जिससे स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा.

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी, कर्मचारियों को राहत

कैबिनेट की बैठक में एक और बड़ा फैसला लिया गया, जिसके तहत राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए (महंगाई भत्ता) बढ़ा दिया गया है: 7वें वेतन आयोग वाले कर्मचारियों का DA 53% से बढ़ाकर 55% किया गया. 6वें वेतन आयोग के तहत DA 246% से बढ़ाकर 252% हुआ. 5वें वेतन आयोग के तहत DA 455% से बढ़कर 466% कर दिया गया. इससे राज्य सरकार पर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक बोझ पड़ेगा, लेकिन कर्मचारियों के लिए यह बड़ी राहत साबित होगी.

(The above story first appeared on LatestLY on May 16, 2025 11:21 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).