Ganeshotsav 2026: चेन्नई के कोलाथुर में 12,000 सफेद शंखों से बनी 40 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु; VIDEO

चेन्नई के कोलाथुर क्षेत्र में गणेशोत्सव के पावन अवसर पर 12,000 सफेद शंखों (Conch Shells) से निर्मित 40 फीट ऊंची भगवान गणेश की अनूठी प्रतिमा स्थापित की गई है. इस कलात्मक और भव्य प्रतिमा को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शनार्थी पहुंच रहे हैं.

Ganeshotsav

Ganeshotsav 2026: तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में गणेशोत्सव 2026 के अवसर पर भक्ति और कलात्मकता का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है. चेन्नई के उत्तरी इलाके कोलाथुर (Kolathur) में भगवान गणेश की एक अत्यंत भव्य और अनूठी प्रतिमा स्थापित की गई है, जो इस समय पूरे शहर में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है.

कोलाथुर में स्थापित इस प्रतिमा की ऊंचाई 40 फीट है और इसे तैयार करने में लगभग 12,000 प्राकृतिक सफेद शंखों (Conch Shells) का उपयोग किया गया है. इस कलात्मक निर्माण को देखने के लिए स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं.   यह भी पढ़े:  Eco-Friendly Ganesh Visarjan: पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना कैसे दें बप्पा को विदाई? जानिए 'ग्रीन विसर्जन' के 6 आसान और प्रभावी तरीके

40 फीट ऊंची गणेश प्रतिमा स्थापित

बारीक कारीगरी और कलात्मकता का अद्भुत नमूना

इस विशालकाय प्रतिमा को तैयार करने में स्थानीय कारीगरों को कई हफ्तों का समय लगा है. प्रतिमा की संरचना में 12,000 सफेद शंखों को बेहद बारीकी और कुशलता के साथ जोड़ा गया है, जिससे बप्पा का स्वरूप अत्यंत मनमोहक और अलौकिक प्रतीत हो रहा है.

आयोजकों के अनुसार, धार्मिक मान्यताओं में शंख को अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है. इसी महत्ता को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष शंखों से सुसज्जित प्रतिमा का निर्माण कराने का निर्णय लिया गया था.

कोलाथुर में हर साल बनती हैं अनोखी प्रतिमाएं

चेन्नई का कोलाथुर क्षेत्र गणेशोत्सव के दौरान अपनी अनूठी और रचनात्मक प्रतिमाओं के लिए जाना जाता है. इससे पूर्व भी इस क्षेत्र में पीपल के पत्तों, पीतल की थालियों, कामक्षी दीपकों और समुद्री सीपियों जैसे प्राकृतिक व पारंपरिक सामानों से भव्य गणेश प्रतिमाओं का निर्माण किया जा चुका है.

हर वर्ष की तरह इस बार भी आयोजकों ने पर्यावरण-अनुकूल और पारंपरिक सामग्रियों का प्रयोग कर श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की है.

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम

गणपति पंडाल में दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़ को देखते हुए आयोजकों और स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई है.

10 दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान पंडाल में प्रतिदिन विशेष पूजा, आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. श्रद्धालु इस भव्य प्रतिमा के दर्शन कर बप्पा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं.

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