Ganesh Chaturthi 2026: मुंबई में गणेश आगमन का शुभारंभ, परेल में 'गणपति बाप्पा मोरया' के जयकारों के बीच हुआ स्वागत; VIDEOS
इस वर्ष की उत्सव तैयारियों में एक प्रमुख बात यह सामने आई है कि मुंबई के प्रसिद्ध मूर्तिकारों द्वारा बनाई गई कई भव्य गणेश मूर्तियां गुजरात भेजी जा रही हैं. यह इस बात का प्रमाण है कि महाराष्ट्र के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी मुंबई की मूर्तिकला और उत्सव शैली का गहरा प्रभाव बना हुआ है.
Ganesh Chaturthi 2026: मुंबई में गणेशोत्सव 2026 की तैयारियां आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी हैं. आगामी 14 सितंबर को मनाए जाने वाले गणेश चतुर्थी पर्व से एक महीने से भी अधिक समय पहले शहर के सांस्कृतिक केंद्र परेल और लालबाग क्षेत्र में गणेश मूर्तियों के आगमन का सिलसिला शुरू हो गया है. विभिन्न सार्वजनिक मंडलों ने अपने पंडालों के लिए प्रथम मूर्तियों का स्वागत गाजे-बाजे और ढोल-ताशा की थाप के साथ करना प्रारंभ कर दिया है.
2 अगस्त को आयोजित हुए भव्य आगमन सोहले के साथ मुंबई आधिकारिक तौर पर उत्सव के माहौल में प्रवेश कर चुकी है. शहर की सड़कों पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिल रहा है और विभिन्न इलाकों में भगवा ध्वज एवं पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज सुनाई दे रही है. यह भी पढ़े: Ganesh Chaturthi 2025 Wishes: गणेश चतुर्थी के इन शानदार हिंदी Quotes, WhatsApp Messages, Facebook Greetings के जरिए दें शुभकामनाएं
मुंबई में गणेश आगमन का शुभारंभ
गुजरात तक मुंबई की गणेश मूर्तियों की मांग
इस वर्ष की उत्सव तैयारियों में एक प्रमुख बात यह सामने आई है कि मुंबई के प्रसिद्ध मूर्तिकारों द्वारा बनाई गई कई भव्य गणेश मूर्तियां गुजरात भेजी जा रही हैं. यह इस बात का प्रमाण है कि महाराष्ट्र के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों में भी मुंबई की मूर्तिकला और उत्सव शैली का गहरा प्रभाव बना हुआ है.
जल्द पधारेंगे बप्पा
सूरत और गुजरात के अन्य शहरों के मंडल मुंबई की कार्यशालाओं से मूर्तियां बनवाकर ले जा रहे हैं, जिन्हें विशेष परिवहन व्यवस्था के माध्यम से रवाना किया जा रहा है.
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अगस्त भर जारी रहेंगे आगमन सोहले
विभिन्न गणेश मंडलों और आयोजकों द्वारा जारी सूचनाओं के अनुसार, पूरे अगस्त माह के दौरान प्रत्येक सप्ताहांत पर आगमन जुलूसों का आयोजन किया जाएगा. यह सिलसिला 10 दिवसीय गणेशोत्सव के मुख्य उत्सव शुरू होने तक चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा.
परेल, लालबाग, चिंचपोकली और गिरगांव जैसे मध्य मुंबई के इलाकों में सप्ताहांत के दौरान विशेष पुलिस सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के इंतजाम किए गए हैं ताकि आगमन सोहले सुचारू रूप से संपन्न हो सकें.
सांस्कृतिक परंपरा और मुंबई का आर्थिक तंत्र
गणेशोत्सव मुंबई की सांस्कृतिक पहचान का एक अभिन्न हिस्सा है. हर साल अगस्त की शुरुआत से ही शहर के मूर्तिकार, मूर्तियों को अंतिम रूप देने और उनके विसर्जन सह आगमन की तैयारियों में जुट जाते हैं.
आगमन सोहले न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाते हैं बल्कि स्थानीय व्यापार, परिवहन और हस्तशिल्प उद्योग को भी गति प्रदान करते हैं. आगामी दिनों में मुंबई के अन्य प्रमुख मंडलों जैसे 'लालबागचा राजा', 'मुंबईचा राजा' (गणेश गल्ली) और 'चिंचपोकलीचा चिंतामणि' के आधिकारिक पूजन और आगमन कार्यक्रमों की तिथियां भी सामने आएंगी.