Fake Radiologist Arrested in UP: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जो खुद को रेडियोलॉजिस्ट बताकर पिछले दो सालों से एक प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर चला रहा था. हैरानी की बात यह है कि उसकी MBBS की डिग्री नकली थी, जिसे उसने कथित तौर पर 50 लाख रुपये से ज़्यादा में खरीदा था.
ऐसे हुआ फर्ज़ीवाड़े का खुलासा
शामली का रहने वाला सुभाष चंद्रा (उम्र करीब 40 साल) पिछले दो साल से मैनपुरी में यह सेंटर चला रहा था. इस पूरे गोरखधंधे का पर्दाफाश तब हुआ जब इस साल सेंटर के रजिस्ट्रेशन को रिन्यू (renewal) कराने की प्रक्रिया शुरू हुई.
मैनपुरी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) आरसी गुप्ता के अनुसार, "शक होने पर इस साल मई में सुभाष की डिग्री को वेरिफिकेशन के लिए मध्य प्रदेश की एक यूनिवर्सिटी में भेजा गया. जांच में डिग्री पूरी तरह से नकली पाई गई. इसके अलावा, उसका नाम लखनऊ की मेडिकल काउंसिल में भी रजिस्टर्ड नहीं था."
दो तरफा जांच में फंसा नकली डॉक्टर
CMO ऑफिस की तरफ से नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र सिंह ने मामले की जांच शुरू कर दी. इसी दौरान, 4 अगस्त को प्रदुन राजपूत नाम के एक व्यक्ति ने भी शिकायत दर्ज कराई कि सेंटर में काम करने वाला डॉक्टर फ्रॉड है. जब दोनों शिकायतों की जांच की गई, तो सच सामने आ गया.
पूछताछ के दौरान आरोपी सुभाष चंद्रा ने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने माना कि उसने लाखों रुपये खर्च करके यह नकली डिग्री खरीदी थी. चिंता की बात यह है कि इस नकली डॉक्टर ने बिना किसी वैध योग्यता के हज़ारों लोगों के अल्ट्रासाउंड टेस्ट किए थे.
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को धोखाधड़ी, जालसाजी और जाली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है. उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.













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