यूपी में नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने वाली फैक्ट्री का भांडाफोड़

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मेरठ में एक नकली विदेशी प्रोटीन सप्लीमेंट सप्लाई चेन का भंडाफोड़ किया है. एक फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान एसटीएफ को सैकड़ों विदेशी लेबल वाले बैग, बोतलें, बॉक्स, होलोग्राम और भारी मात्रा में सप्लीमेंट मिले.

स्पेशल टास्क फोर्स (Photo Credits: Twitter)

मेरठ, 12 सितम्बर: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने मेरठ में एक नकली विदेशी प्रोटीन सप्लीमेंट सप्लाई चेन का भंडाफोड़ किया है. एक फैक्ट्री में छापेमारी के दौरान एसटीएफ को सैकड़ों विदेशी लेबल वाले बैग, बोतलें, बॉक्स, होलोग्राम और भारी मात्रा में सप्लीमेंट मिले. हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आपूर्ति की जाने वाली इन थैलियों और बक्सों में भारी स्टेरॉयड से लदी खुराक मिली. यह भी पढ़े: Haryana: अवैध शराब की 1,000 पेटियां जब्त, दो आरोपी गिरफ्तार

मेरठ के सर्किल ऑफिसर (सीओ) एसटीएफ बृजेश सिंह के अनुसार, हमने एक सरताज अल्वी को गिरफ्तार किया है, जो पांच साल से इस प्रतिष्ठान को चला रहा था. स्टिकर और होलोग्राम के अलावा, हमने लगभग 15 क्विंटल सप्लीमेंट भी जब्त किया, जिसकी कीमत लगभग 20 लाख रुपए है. आरोपी ने खुलासा किया है कि दिल्ली के बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में एक और गोदाम है. उसने ये बोतलें और कंटेनर दिल्ली के रोशन कुमार से खरीदे, जबकि सप्लीमेंट्स मेरठ के खैरनगर के जावेद अहमद से 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदे गए. इन बक्सों और बोतलों में पैक होने के बाद ये 1,400 से 1,800 रुपये में बिकते थे.

मेरठ के शाहपीर गेट निवासी शाहवेज अहमद ने विदेशी कंपनियों के स्टिकर, लेबल और बैग की आपूर्ति की. अल्वी के खिलाफ शनिवार को ब्रह्मपुरी पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 419 (धोखाधड़ी), 420 (धोखाधड़ी), 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी), 471 (धोखाधड़ी) और प्रासंगिक कॉपीराइट अधिनियम की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की नामित अधिकारी अर्चना धीरन ने कहा कि हमने मिलावटी सामान को जब्त कर लिया है और इसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला में भेज दिया है और रिपोर्ट का इंतजार है. जब भी हमें ऐसी सूचना मिलती है, हम हर समय छापेमारी करते रहते हैं.

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