Ghaziabad Kanwar Yatra: कांवड़ यात्रा के लिए व्यापक इंतजाम, पुलिस ने बनाए 5 कंट्रोल रूम और 10,000 'कांवड़ मित्र'
सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जिले में 85 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा और सुविधा के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं.
गाजियाबाद, 12 जुलाई : सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जिले में 85 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा और सुविधा के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं. पुलिस ने कांवड़ मार्ग को 124 बीट में विभाजित किया है, प्रत्येक बीट की लंबाई 700-800 मीटर है. हर बीट में एक सब-इंस्पेक्टर की अगुवाई में चार पुलिसकर्मी तैनात हैं, जो दिन-रात ड्यूटी पर रहकर समस्याओं का तुरंत समाधान करेंगे. इसके अलावा, 10,000 कांवड़ मित्र नियुक्त किए गए हैं, जो पुलिस के साथ मिलकर कांवड़ियों की मदद करेंगे. ये कांवड़ मित्र कांवड़ियों की सुविधा और यात्रा को निर्बाध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
कांवड़ मार्ग की निगरानी के लिए गाजियाबाद में पांच मुख्य कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं, जिनमें मेरठ तिराहा और तीनों जोनल कंट्रोल रूम शामिल हैं. इनके अधीन अस्थायी उप-कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं, जैसे राज चौपला, निवाड़ी रोड और एनएच-9 चौराहा. इन कंट्रोल रूम से सीसीटीवी के माध्यम से पूरे मार्ग पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके. यह भी पढ़ें : West Bengal Rape Case: पश्चिम बंगाल में फिर हुआ एक बड़ा कांड, युवती का आरोप ‘ IIM कैंपस में हुआ यौन उत्पीड़न’, पुलिस ने शुरू की जांच
दूधेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं. मंदिर पर 550 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि भक्त आसानी से दर्शन कर सकें. पिछले साल मंदिर के प्रवेश द्वार पर भीड़ के दबाव को देखते हुए इस बार एक बफर जोन बनाया गया है, जिससे भीड़ प्रबंधन में आसानी होगी. मंदिर प्रशासन के साथ समन्वय कर सीसीटीवी की व्यवस्था भी की गई है. कांवड़ियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं.
अगर किसी कांवड़िए की कांवड़ खंडित हो जाती है, तो उन्हें तुरंत गंगाजल उपलब्ध कराने के लिए हरिद्वार से 1,400 लीटर गंगाजल मंगवाया गया है. यह गंगाजल विभिन्न थानों में वितरित किया गया है, ताकि कांवड़िए बिना किसी परेशानी के अपनी यात्रा पूरी कर सकें. गाजियाबाद के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त आलोक प्रियदर्शी ने कहा, "हमारा उद्देश्य कांवड़ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाना है. सभी व्यवस्थाएं इस तरह की गई हैं कि कांवड़ियों को कोई असुविधा न हो और वे अपना जलाभिषेक शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कर सकें."
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 12, 2025 12:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

