Eid Milad Un Nabi 2026: ईद-उल-मिलाद को लेकर दिल्ली, मुंबई समेत देशभर में निकाले जा रहे जुलूस, मोहम्मद साहब की याद में मांगी जा रही अमन और शांति की दुआएं
पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिवस यानी ईद-उल-मिलाद (मिलाद-उन-नबी) का पर्व पूरे देश में अकीदत और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद समेत कई प्रमुख शहरों में जुलूस निकाले जा रहे हैं और शांति की दुआएं मांगी जा रही हैं.
Eid Milad Un Nabi 2026: पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिवस 'ईद-उल-मिलाद' (मिलाद-उन-नबी) के अवसर पर पूरे देश में जश्न का माहौल है. राजधानी दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, लखनऊ और कोलकाता सहित देश के छोटे-बड़े शहरों में अकीदतमंदों द्वारा धार्मिक जुलूस निकाले जा रहे हैं. मस्जिदों और प्रमुख इमारतों को हरे झंडों और आकर्षक लाइटों से सजाया गया है. इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर विशेष प्रार्थना सभाओं (नमाज़) और सीरत-उन-नबी सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, जहां पैगंबर साहब के शांति, दया और भाईचारे के संदेशों को याद किया गया.
महानगरों में जुलूस और विशेष दुआ
दिल्ली के ऐतिहासिक पुरानी दिल्ली क्षेत्र, जामा मस्जिद और निजामुद्दीन इलाके में सुबह से ही लोगों की आवाजाही देखी गई. विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा शांतिपूर्ण जुलूस निकाले गए, जिनमें बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुए. यह भी पढ़े: Eid Milad-un-Nabi 2026 Celebrations: दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद समेत देशभर में ईद-उल-मिलाद की रौनक, जुलूसों को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मुंबई के मोहम्मद अली रोड, मिनारा मस्जिद और माहिम क्षेत्र में मिलाद-उन-नबी का विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है. यहां 'जुलूस-ए-मोहम्मदी' का आयोजन किया गया, जिसमें शामिल लोगों ने पैगंबर साहब की शान में नात-शरीफ पढ़ी.
वहीं हैदराबाद के ऐतिहासिक चारमीनार और मक्का मस्जिद के आसपास भव्य जुलूस निकाले गए. पुराने शहर के मुख्य मार्गों से गुजरते इन जुलूसों के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे.
सुरक्षा और ट्रैफिक के कड़े इंतजाम
जुलूसों और भीड़-भाड़ को ध्यान में रखते हुए संबंधित राज्य सरकारों और पुलिस प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया है और ड्रोन कैमरों से स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन लागू किए गए हैं. स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार मनाने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है.
सामाजिक सेवा और लंगर का आयोजन
ईद-उल-मिलाद के मौके पर केवल धार्मिक जुलूस ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर सामाजिक कार्य भी किए जा रहे हैं. विभिन्न स्थानों पर लंगर और 'छबील' का आयोजन कर आम लोगों में भोजन और शरबत का वितरण किया जा रहा है. अस्पतालों और अनाथालयों में फल और मिठाइयां बांटी जा रही हैं.
त्योहार का महत्व
इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने रबी-उल-अव्वल की 12 तारीख को पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था. इस दिन को मुस्लिम समुदाय द्वारा उनकी शिक्षाओं—प्रेम, शांति, सहिष्णुता और मानवता की सेवा—को अपनाने के संकल्प के रूप में मनाया जाता है.