IIT Admission 2026: आईआईटी प्रवेश के लिए 12वीं के अंकों में नहीं मिलेगी कोई छूट, जेएबी (JAB) ने खारिज की वन-टाइम रिलैक्सेशन की मांग
संयुक्त प्रवेश बोर्ड (JAB) ने जेईई एडवांस्ड 2026 के माध्यम से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रवेश के इच्छुक छात्रों के लिए कक्षा 12वीं के पात्रता मानदंडों में किसी भी प्रकार की 'वन-टाइम राहत' देने से आधिकारिक तौर पर इनकार कर दिया है. जेएबी के अध्यक्ष और आईआईटी रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया में देश भर के 36 शिक्षा बोर्ड शामिल हैं, इसलिए किसी एक बोर्ड के लिए नियमों में बदलाव करना संभव नहीं है.
नई दिल्ली, 6 जून: आईआईटी (IIT) में दाखिले की उम्मीद लगाए बैठे उन हजारों छात्रों को एक बड़ा झटका लगा है, जो कक्षा 12वीं के पात्रता अंकों में अस्थायी रियायत की मांग कर रहे थे. संयुक्त प्रवेश बोर्ड (JAB) ने जेईई एडवांस्ड 2026 (JEE Advanced 2026) चक्र के माध्यम से आईआईटी प्रवेश के लिए आवश्यक कक्षा 12वीं के अंकों के मानदंडों में किसी भी प्रकार की एकमुश्त छूट (One-Time Relaxation) देने से साफ इनकार कर दिया है. जेएबी के अध्यक्ष और आईआईटी रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि देश भर में बड़ी संख्या में शैक्षिक बोर्ड सक्रिय हैं, जिसके कारण इस स्तर पर योग्यता मानदंडों को कम करना या उनमें बदलाव करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है. यह भी पढ़ें: क्या NEET 2026 री-एग्जाम का पेपर लीक हो गया? टेलीग्राम चैनलों के खिलाफ एक्शन में NTA, साइबर क्राइम को भेजी शिकायत
पुनर्मूल्यांकन में देरी के चलते उठी थी राहत की मांग
इस साल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा लागू की गई 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) प्रणाली के कारण छात्रों के अंकों के पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के परिणामों में काफी देरी हुई है. इस प्रशासनिक सुस्ती के चलते हजारों जेईई एडवांस्ड क्वालिफायर अनिश्चितता के माहौल में घिर गए थे.
चिंतित अभिभावकों और उम्मीदवारों का तर्क था कि परिणाम लंबित होने के कारण उन मेधावी छात्रों का भविष्य दांव पर लग सकता है, जिन्होंने देश की इस सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा को तो पास कर लिया है, लेकिन सुधार के बाद मिलने वाली अंतिम मार्कशीट न होने के कारण वे पात्रता मानदंड से पीछे छूट रहे हैं. चूंकि संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) की काउंसलिंग प्रक्रिया पहले से ही शुरू हो चुकी है, इसलिए छात्रों ने इस शैक्षणिक सत्र के लिए अस्थायी बफर या राहत देने की मांग उठाई थी.
36 अलग-अलग बोर्ड; नियमों की एकरूपता जरूरी
छात्रों की इन अपीलों का जवाब देते हुए जेएबी (JAB) ने जोर देकर कहा कि देश के सभी माध्यमिक शिक्षा बोर्डों के बीच निष्पक्षता और समानता बनाए रखने के लिए प्रवेश दिशानिर्देशों में एकरूपता होना अनिवार्य है. बोर्ड ने स्पष्ट किया कि अकेले किसी एक बोर्ड की समय-सीमा को ध्यान में रखकर पूरी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश प्रक्रिया को प्रभावित नहीं किया जा सकता.
जेएबी ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, "इस प्रवेश प्रक्रिया में 36 अलग-अलग बोर्डों के उम्मीदवार भाग ले रहे हैं, इसलिए अंकों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जा सकती". बोर्ड ने याद दिलाया कि मौजूदा पात्रता नियम काफी पहले दिसंबर में ही प्रकाशित कर दिए गए थे और अब अंतिम समय में नियमों को शिथिल करना बाकी आवेदकों के साथ अन्याय होगा. हालांकि, अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि वे लंबित मामलों के त्वरित समाधान के लिए सीबीएसई (CBSE) के निरंतर संपर्क में हैं ताकि प्रभावित छात्रों के पुनर्मूल्यांकन को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा सके.
जोसा (JoSAA) काउंसलिंग के लिए गाइडलाइंस
आईआईटी रुड़की के निदेशक कमल किशोर पंत ने सभी योग्य जेईई एडवांस्ड उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे अपने वर्तमान अंकों की परवाह किए बिना जोसा (JoSAA) के पंजीकरण और चॉइस-फिलिंग (सीटों के विकल्प भरने) की प्रक्रिया को सुचारू रूप से आगे बढ़ाएं.
इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि काउंसलिंग में भाग लेने मात्र से सीट की गारंटी तब तक नहीं मानी जाएगी जब तक कि छात्र अंतिम समय-सीमा तक अनिवार्य पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं कर लेते. अंतिम प्रवेश पूरी तरह से जेईई एडवांस्ड 2026 के आधिकारिक सूचना विवरणिका (Information Brochure) में उल्लिखित प्रतिशत या पर्सेंटाइल मानदंडों को पूरा करने पर ही आधारित होगा.
कड़ा मुकाबला: 18,951 सीटों के लिए 56,880 दावेदार
आईआईटी के मानक नियमों के अनुसार, सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों को आईआईटी में प्रवेश के लिए अपनी कक्षा 12वीं की परीक्षा में कम से कम 75% कुल अंक प्राप्त करने होते हैं या अपने संबंधित शिक्षा बोर्ड के शीर्ष 20 पर्सेंटाइल (Top 20 Percentile) में स्थान बनाना होता है. वहीं, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और दिव्यांग (PwD) श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम कुल अंकों की यह आवश्यकता 65% निर्धारित है.
यह निर्णय एक ऐसे समय में आया है जब देश में इस साल इंजीनियरिंग दाखिले को लेकर प्रतिस्पर्धा रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है. इस वर्ष कुल 56,880 उम्मीदवारों ने जेईई एडवांस्ड परीक्षा उत्तीर्ण की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.6% अधिक है. इस सफल पूल में 46,773 छात्र और रिकॉर्ड स्तर पर 10,107 छात्राएं शामिल हैं. ये सभी योग्य उम्मीदवार देश के 23 आईआईटी संस्थानों में उपलब्ध कुल 18,951 बीटेक (BTech) सीटों के लिए एक-दूसरे के कड़े मुकाबले में खड़े हैं. जोसा (JoSAA) पंजीकरण और चॉइस-फिलिंग की खिड़की 11 जून को बंद हो जाएगी, जिसके बाद 21 जुलाई तक पांच क्रमिक दौरों में सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.