Dress Code in Temples: चिंचवड के अष्टविनायक समेत 5 मंदिरों में लागू हुआ श्रद्धालुओं के लिए ड्रेसकोड, दर्शन के लिए जाते समय कौन से कपड़े पहनें, जानें डिटेल्स
मोरगांव के मोरेश्वर, थेउर के चिंतामणि, सिद्धटेक के सिद्धिविनायक, चिंचवड़ के मोरया गोसावी संजीवन मंदिर और खार नारंगी मंदिर सहित अष्टविनायक गणपति के दर्शन के लिए ड्रेस कोड की घोषणा की गई है.
पुणे, महाराष्ट्र: मोरगांव के मोरेश्वर, थेउर के चिंतामणि, सिद्धटेक के सिद्धिविनायक, चिंचवड़ के मोरया गोसावी संजीवन मंदिर और खार नारंगी मंदिर समेत अष्टविनायक गणपति के दर्शन के लिए ड्रेस कोड की घोषणा की गई है. इसके लिए ड्रेस कोड के नियम भी बनाएं गए है.यह ड्रेस कोड चिंचवड़ मंदिर ट्रस्ट द्वारा लागू किया गया है.
जिसके अंतर्गत ये पांचों मंदिर हैं.हालांकि, चिंचवड़ मंदिर ट्रस्ट का कहना है कि यह कोई बाध्यता नहीं है, बल्कि मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए छोटे कपड़े पहनकर दर्शन के लिए न आने का अनुरोध किया गया है. इसलिए अब से भक्तों को पुणे जिले के सभी पांच अष्टविनायक गणपति मंदिरों में दर्शन के लिए पूरी पोशाक पहनकर कतार में खड़ा होना होगा.ये भी पढ़े:Dress Code Implemented at Siddhivinayak Temple: मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में लागू हुआ ड्रेसकोड, छोटे कपड़े पहनकर नहीं कर पाएंगे अब दर्शन, ट्रस्ट ने लिया फैसला; देखें VIDEO
प्रसिद्द है महाराष्ट्र की अष्टविनायक गणपति यात्रा
साम टीवी के मुताबिक़ अष्टविनायक यात्रा महाराष्ट्र में गणपति दर्शन के लिए प्रसिद्ध तीर्थयात्रा है. यह पुणे से यात्रा करते हुए रायगढ़ और पुणे जिले के श्री गणेश मंदिर तक लगभग 850 किलोमीटर की यात्रा होती है. इस दौरान भक्तगण गणेश मंदिरों के दर्शन करते है. इस यात्रा में लगभग 2 दिन और 1 रात का समय लगता है.परंपरागत रूप से, इस तीर्थयात्रा का पहला मंदिर मोरेगांव में मोरेश्वर है, और अगले चार मंदिर पुणे से काफी दूर हैं.मोरेश्वर मोरेगांव, सिद्धटेक, पाली, महाड, थेउर, लेन्याद्री, ओजर से हैं और अंतिम गणपति पुणे के रांझणगांव से हैं. इसके लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर से एक परिपत्र जारी किया गया है, जिसमें मंदिर में प्रवेश के लिए ड्रेस कोड बताया गया है.
चिंचवड़ मंदिर ट्रस्ट की ओर से सभी भक्तों को अपील
चिंचवड़ मंदिर ट्रस्ट सभी भक्तों से विनम्र अनुरोध किया है कि वे महासाधु श्री मोरया गोसावी महाराज के संजीवन समाधि मंदिर और श्री मंगलमूर्ति वाड़ा में पूर्ण आस्था और भक्ति के साथ पधारें.महासाधु श्री. मोरया गोसावी महाराज का संजीवन समाधि मंदिर और श्री मंगलमूर्ति वाड़ा महज इमारतें नहीं हैं, बल्कि आध्यात्म, संस्कृति और भक्ति का केंद्र हैं.यहां आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को मंदिर की पवित्रता का सम्मान करना चाहिए तथा भक्तिमय वातावरण बनाए रखने में सहयोग करना चाहिए.हम सभी को यह सुनिश्चित करने के लिए ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है कि हमारी उपस्थिति और व्यवहार मंदिर की पवित्रता के अनुरूप हो.मंदिर की पवित्रता बनाए रखने के लिए चिंचवड़ मंदिर ट्रस्ट द्वारा ड्रेस कोड लागू किया जा रहा है. चिंचवड़ मंदिर ट्रस्ट ने एक पत्र में अनुरोध किया है कि मंदिर में आने वाले सभी भक्तों को मंदिर में प्रवेश करने के लिए निम्नलिखित उपयुक्त पोशाक पहननी चाहिए.
क्या होगा ड्रेस कोड?
पुरुष पारंपरिक और सभ्य कपड़े पहनने .मंदिर की पवित्रता के अनुरूप शर्ट, टी-शर्ट और फुल पैंट या धोती, कुर्ता और पायजामा पहनें.महिलाएं साड़ी, सलवार कमीज, पंजाबी पोशाक या अन्य पारंपरिक परिधान पहने. ऐसे कपड़े पहनें जो मंदिर की पवित्रता के लिए उपयुक्त और सम्मानजनक हों.मंदिर परिसर में किसी को भी अति-आधुनिक, अपरंपरागत, पारदर्शी, नुकीले, बिना आस्तीन वाले, कटे हुए, खुले या अनौपचारिक कपड़े पहनकर आने की इजाजत नहीं होगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 12, 2025 06:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

