Dr. Chandrashekhar Pakhmode Dies: नागपुर के प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. चंद्रशेखर पखमोड़े का निधन, 50 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत

डॉ. पखमोड़े ने Neuron Hospital, Dhantoli में कई वर्षों तक सेवा दी और अपने उत्कृष्ट चिकित्सा कौशल और रोगियों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार के लिए प्रसिद्ध थे। उन्हें मध्य भारत के प्रमुख न्यूरोसर्जनों में गिना जाता था.

(Photo Credits Twitter)

Dr Chandrashekhar Pakhmode Dies:  नागपुर के सुप्रसिद्ध न्यूरोसर्जन और न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. चंद्रशेखर पखमोड़े नही रहे.  बुधवार, 31 दिसंबर की सुबह अचानक दिल का दौड़ा पाने के चलते 50 साल की उम्र में उनका निधन हो गया. सूत्रों के अनुसार, डॉ. पखमोड़े को सुबह अचानक मायोकार्डियल इंफार्क्शन आया. उन्हें लगभग सुबह 6 बजे तक CPR और अन्य जीवनरक्षक प्रयासों के बावजूद बचाया नहीं जा सका. नागपुर के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट भी सुबह 4.30 बजे से मदद के लिए पहुंचे, लेकिन सभी प्रयास विफल रहे.

न्यूरॉन अस्पताल में कई साल तक सेवा दी

डॉ. पखमोड़े ने Neuron Hospital, Dhantoli में कई वर्षों तक सेवा दी और अपने उत्कृष्ट चिकित्सा कौशल और रोगियों के प्रति सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार के लिए प्रसिद्ध थे. उन्हें मध्य भारत के प्रमुख न्यूरोसर्जनों में गिना जाता था. यह भी पढ़े:  Khaleda Zia Dies: नहीं रहीं बांग्लादेश की पहली महिला PM खालिदा जिया, 80 साल की उम्र में लंबी बीमारी के चलते निधन

डॉ. पखमोड़े के निधन पर भाजपा नेता व महाराष्ट्र सरकार में मंत्री  चंद्रशेखर बावनकुले, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित कई अन्य नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया. भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने एक्स पर लिखा कि नागपुर के सुप्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. चंद्रशेखर पखमोड़े के निधन की खबर अत्यंत धक्कादायक और दुखद है. उन्होंने कहा कि डॉ. पखमोड़े ने 25 वर्षों से अधिक के लंबे चिकित्सा करियर में सटीक निदान, शस्त्रक्रिया में कुशलता और रोगियों के प्रति संवेदनशील व भरोसेमंद व्यवहार के जरिए असंख्य मरीजों को नया जीवन दिया.  उनके जाने से चिकित्सा क्षेत्र ने एक निष्ठावान, समर्पित और प्रेरणादायक विशेषज्ञ खो दिया है.

डॉ. पखमोड़े के निधन पर बावनकुले ने जताया दुख

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी दुख जताया 

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट किया: "नागपुर के सुप्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. चंद्रशेखर पखमोड़े के निधन की खबर दुःखद है. उन्हें मेरी भावपूर्ण श्रद्धांजलि. 25 वर्षों से अधिक अपने चिकित्सा सेवाकाल में डॉ. पखमोड़े ने असंख्य मरीजों को नया जीवन दिया. चिकित्सा क्षेत्र में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा. वे न केवल कुशल शल्यचिकित्सक थे बल्कि शांत, सुस्वभावी और रोगियों के प्रति संवेदनशील व्यक्तित्व के धनी थे. ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे और परिवार को इस दुःख से उबरने की शक्ति दे. ॐ शांति.

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