Dombivli Hospital Assault Row: महाराष्ट्र के ठाणे जिले से चिकित्सा जगत को झकझोर देने वाली और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाली एक बेहद चिंताजनक घटना सामने आई है. डोंबिवली में कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) द्वारा संचालित शास्त्रीनगर अस्पताल में शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों पर ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों, एक महिला स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynaecologist) और नर्सिंग स्टाफ के साथ बेरहमी से मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है. अस्पताल के अंदर हुई इस मारपीट का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर चिकित्सा संगठनों और आम जनता में भारी आक्रोश फैल गया है.
इस घटना के बाद पीड़ित महिला डॉक्टर और रोती-बिलखती नर्सों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें वे अपने साथ हुई बर्बरता को बयां कर रही हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है, जबकि डॉक्टरों ने सुरक्षा की मांग को लेकर बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है. यह भी पढ़े: VIDEO: डॉक्टर ने की मरीज के साथ जमकर मारपीट, वार्ड बना लड़ाई का अखाड़ा, शिमला के हॉस्पिटल के वीडियो से मचा प्रशासन में हडकंप
कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे पर महिला डॉक्टर से मारपीट का आरोप
🔴Watch #LIVE | "Netagiri' in hospital? Shiv Sena corporator Ramesh Mhatre speaks to NDTV's @ShivAroor https://t.co/UTklzO1SBS
— NDTV (@ndtv) July 8, 2026
नगरसेवक की सफाई
कल्याण डोंबिवलीतले शिवसेना नगरसेवक रमेश म्हात्रेंची महिला डॉक्टर, कर्मचाऱ्यांना मारहाण. (महिला डॉक्टरला मारहाण करताना २.०३) pic.twitter.com/Uc2fhqEzjX
— Saurabh Koratkar (@saurabhkoratkar) July 7, 2026
NICU बेड न होने पर शुरू हुआ था पूरा विवाद
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह पूरा विवाद अस्पताल में नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (NICU - नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई) बेड की अनुपलब्धता को लेकर शुरू हुआ था. अस्पताल में एक गर्भवती महिला को प्रसव (डिलीवरी) के लिए भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने जांच के बाद पाया कि गर्भनाल बच्चे के गले में लिपटी हुई है, जिसके कारण प्रसव के तुरंत बाद नवजात को एनआईसीयू (NICU) बेड की जरूरत पड़ सकती थी.
चूंकि उस समय शास्त्रीनगर अस्पताल के सभी एनआईसीयू बेड पहले से भरे हुए थे, इसलिए ऑन-ड्यूटी स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव साळुंखे ने मरीज के परिजनों को सलाह दी कि वे आपातकालीन स्थिति के लिए किसी दूसरे अस्पताल में बेड की व्यवस्था रखें या मरीज को वहां शिफ्ट करने की तैयारी करें. डॉक्टरों की इस सही चिकित्सीय सलाह से नाराज होकर गर्भवती महिला के परिजनों ने स्थानीय कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे को इसकी सूचना दे दी.
CCTV में कैद हुई गुंडागर्दी
परिजनों की कॉल के बाद कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे अपने दर्जनों समर्थकों के साथ अस्पताल परिसर में दाखिल हुए और आते ही सीधे ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमला बोल दिया. वायरल हो रहे सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि पुरुषों का एक झुंड वॉर्ड रूम में जबरन घुसता है और वहां मौजूद डॉक्टरों और नर्सों को थप्पड़ और घूंसे मारना शुरू कर देता है. आरोपियों ने करीब 3 मिनट तक लगातार अस्पताल के स्टाफ के साथ मारपीट की.
फुटेज में यह भी दिखाई दे रहा है कि हमले के दौरान एक महिला डॉक्टर खुद को बचाने और पुलिस या उच्चाधिकारियों को फोन लगाने के लिए मोबाइल हाथ में लिए डेस्क के पीछे जाती है. तभी कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे पीछे से आकर उस महिला डॉक्टर पर भी हमला कर देते हैं. बीच-बचाव करने आईं नर्सों नमिता उबाले और द्रव्या गिरी को भी आरोपियों ने बेरहमी से धक्का दिया और उनके साथ बदसलूकी की. इतना ही नहीं, आरोपियों ने अस्पताल के सुरक्षा गार्डों को भी पकड़कर अलग कर दिया था ताकि वे डॉक्टरों को बचा न सकें.
कमिश्नर का सख्त रुख
इस घटना के बाद कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के कमिश्नर अभिनय गोयल ने स्थिति का संज्ञान लिया और पीड़ित डॉक्टरों को तुरंत पुलिस शिकायत दर्ज कराने का निर्देश दिया. विष्णुनगर पुलिस थाने में डॉक्टर वैभव साळुंखे की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे और उनके समर्थकों सहित कुल पांच लोगों (चार पुरुष और एक महिला) के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है.
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और महाराष्ट्र चिकित्सा सेवा व्यक्ति और चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा और संपत्ति की क्षति या हानि की रोकथाम) अधिनियम, 2010 के तहत सरकारी कार्य में बाधा डालने, लोक सेवक पर हमला करने और आपराधिक धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है.
कार्रवाई की मांग को लेकर डॉक्टरों की बेमियादी हड़ताल
घटना के विरोध में 'सेंट्रल मार्ड' (Central MARD), 'यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट' और 'इंडियन मेडिकल एसोसिएशन' (IMA) के आह्वान पर सरकारी डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ ने काम बंद कर दिया है. इसके चलते पूरे कल्याण-डोंबिवली क्षेत्र के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी (OPD) सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, हालांकि आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से जारी रखी गई हैं.
चिकित्सा संघों ने कड़े शब्दों में घटना की निंदा करते हुए प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि जब तक मुख्य आरोपी कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे और अन्य दोषियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी. डॉक्टरों ने सरकारी अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने और डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक कड़े कानून लागू करने की मांग भी की है.













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