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वैश्विक चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2025 में भारत का निर्यात रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर पार

वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत का माल और सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर को पार कर गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 778 बिलियन डॉलर के इसी आंकड़े से करीब 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है.

वैश्विक चुनौतियों के बावजूद वित्त वर्ष 2025 में भारत का निर्यात रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर पार

नई दिल्ली, 10 अप्रैल : वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, भारत का माल और सेवा निर्यात वित्त वर्ष 2025 में रिकॉर्ड 820 बिलियन डॉलर को पार कर गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 778 बिलियन डॉलर के इसी आंकड़े से करीब 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है.

उभरते व्यापार परिदृश्य पर चर्चा करने के लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्री (सीआईएम) पीयूष गोयल द्वारा निर्यात संवर्धन परिषदों और उद्योग निकायों के साथ आयोजित बैठक में ये आंकड़े सामने आए. केंद्रीय मंत्री ने लाल सागर संकट, खाड़ी क्षेत्र में इजरायल-हमास संघर्ष, रूस-यूक्रेन संघर्ष के लगातार बने रहने और कुछ विकसित अर्थव्यवस्थाओं में धीमी वृद्धि सहित कई प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद निर्यात में सर्वकालिक उच्च उपलब्धि के लिए निर्यातकों की सराहना की. केंद्रीय मंत्री ने निर्यातकों की उनके प्रयासों की सराहना की. यह भी पढ़ें : वायनाड भूस्खलन के पीड़ितों की ऋण माफी पर केंद्र ने विश्वासघात किया : प्रियंका

बैठक के दौरान, सीआईएम गोयल ने निर्यातकों को पारस्परिक रूप से लाभकारी बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) के लिए अमेरिका के साथ चल रही चर्चाओं के बारे में भी जानकारी दी. वार्ता की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की, जो फरवरी 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ अपनी बैठक में बीटीए पर सहमत होने वाले पहले वैश्विक नेताओं में से एक थे. केंद्रीय मंत्री ने निर्यातकों को आश्वासन दिया कि सरकार वैश्विक व्यापार वातावरण में हाल के बदलावों को सफलतापूर्वक नेविगेट करने में सक्षम बनाने के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करने के लिए काम करेगी.

उन्होंने कहा कि देश सक्रिय तरीके से काम कर रहा है और ऐसे समाधान तलाश रहा है जो राष्ट्र के सर्वोत्तम हित में हों. उन्होंने निर्यातकों से कहा कि वे घबराएं नहीं और वर्तमान परिदृश्य में सकारात्मक पहलुओं पर ध्यान दें. उन्होंने आश्वासन दिया कि टीम देश के लिए सही परिणाम सुनिश्चित करने के लिए तेजी से काम कर रही है. केंद्रीय मंत्री गोयल ने कहा कि विभिन्न देश टैरिफ लगाने के मामले में अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं.

हालांकि, जहां तक ​​भारत का सवाल है, विनिर्माण में वृद्धि और अतिरिक्त नौकरियों के सृजन की संभावना है, क्योंकि देश ग्लोबल सप्लाई चेन में बड़े प्लेयर्स को आकर्षित कर सकता है, क्योंकि भारत खुद को एक भरोसेमंद और विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करने में सक्षम रहा है. विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली विभिन्न निर्यात संवर्धन परिषदों ने वैश्विक व्यापार में उभरती चुनौतियों के मद्देनजर अपने विचार और दृष्टिकोण प्रस्तुत किए. बैठक में निर्यात संवर्धन परिषदों, उद्योग निकायों और वाणिज्य और संबंधित मंत्रालयों के अधिकारियों ने भाग लिया.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 10, 2025 12:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).