कोरोना संकट के बीच अब पानी को तरसी दिल्ली, चिल्ला गांव के लोग घंटों कतारों में खड़े रहने को मजबूर
दिल्ली से लगे चिल्ला गांव के लोग इस संकट के समय पानी की कमी से जूझ रहे हैं. गांव के लोग दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के ट्रकों से पीने का पानी इकट्ठा करने के लिए आते हैं.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) इन दिनों कोरोना के महासंकट से जूझ रही है. इसके साथ साथ अब यहां लोगों को पानी की किल्लत का सामना भी करना पड़ रहा है. दरअसल दिल्ली से लगे चिल्ला गांव के लोग इस संकट के समय पानी की कमी से जूझ रहे हैं. गांव के लोग दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के ट्रकों से पीने का पानी इकट्ठा करने के लिए आते हैं. गांव वालों ने बताया, "हमें पानी की कमी के कारण पीने के पानी को इकट्ठा करने के लिए कम से कम 2-3 घंटे तक कतार में लगना पड़ता है, पानी का टैंकर 3-4 दिनों में केवल एक ही बार आता है." महामारी के इस कठिन समय में देश जहां अपने घरों में कैद है वहीं इन लोगों को पानी के लिए भी बाहर भटकना पड़ता है.
घंटो लाइन में लगने के बाद इन लोगों को थोड़ा पानी मिल पता है. घंटों की मशक्कत से इन लोगों को परेशानी तो हो ही रही है साथ ही इन पर कोरोना संक्रमण का खतरा भी मंडरा रहा है. लोगों के लिए मुश्किल यह है कि घर में रहकर पानी मिल नहीं सकता और बाहर जानलेवा माहामारी का खतरा है.
क्या कहा गांव वालों ने-
दिल्ली में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है. शुक्रवार को राजधानी में 67 नए मामले सामने आए, जिसके बाद संक्रमित मरीजों संख्या 1700 के आंकड़े को पार कर गई. दिल्ली में कोरोना से मृतकों की तादाद बढ़कर 42 हो गई है.
इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के एक एसएचओ (Station House Officer) समेत 26 पुलिसकर्मियों को क्वॉरेंटाइन में भेज दिया गया है. ये सभी दो पुलिस कांस्टेबल के संपर्क में आए थे जो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. वहीं, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दावा किया है कि राजधानी में 15 दिनों के दौरान 3 जगहों से कोरोना का कोई नया केस सामने नहीं आया है.