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Delhi HC Directs Suspended IAS Officer To Vacate Official Bungalow: निलंबित आईएएस अधिकारी को दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश- सरकारी बंगला खाली करें

दिल्ली उच्च न्यायालय ने अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के निलंबित आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय को दिल्ली में अपना आधिकारिक बंगला खाली करने का निर्देश दिया है

Delhi HC Directs Suspended IAS Officer To Vacate Official Bungalow: निलंबित आईएएस अधिकारी को दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश- सरकारी बंगला खाली करें
Photo Credits: PTI

नई दिल्ली, 3 अगस्त: दिल्ली उच्च न्यायालय ने अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के निलंबित आईएएस अधिकारी उदित प्रकाश राय को दिल्ली में अपना आधिकारिक बंगला खाली करने का निर्देश दिया है. यह भी पढ़े: Excise Policy Scam: दिल्ली उच्च न्यायालय ने मनीष सिसोदिया को जमानत देने से किया इनकार

सरकारी आवास बनाने के लिए एक ऐतिहासिक स्मारक को ध्वस्त करने के आरोपी राय को उनके परिवार के साथ परिसर खाली करने का निर्देश दिया गया था इसने आगे आदेश दिया कि उसे एक वैकल्पिक आवास आवंटित किया जाए.

राय को 18 अक्टूबर, 2021 से 31 मई, 2022 तक दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के सीईओ के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान जल विहार में एक बंगला सौंपा गया था और वर्तमान में वह मिजोरम में सचिव के रूप में कार्यरत हैं.

राय की पत्‍नी शिल्पी उदित राय ने डीजेबी के 28 जुलाई के नोटिस को चुनौती दी थी, जिसमें उनसे 15 दिनों के भीतर बंगला खाली करने का अनुरोध किया गया था सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों - दिल्ली सरकार के स्थायी वकील संतोष कुमार त्रिपाठी, डीजेबी के वकील और दिल्ली के मुख्य सचिव - ने मिजोरम में अपनी वर्तमान पोस्टिंग के बावजूद राय को दिल्ली में सरकारी आवास के हकदार होने पर कोई आपत्ति नहीं जताई.

राय की पत्‍नी का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने कहा कि वे लागू नियमों के अनुसार घर के आवंटन के लिए प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को एक अभ्यावेदन प्रस्तुत करेंगे यह भी आश्‍वासन दिया गया कि वे उचित समय सीमा में मौजूदा बंगला खाली कर देंगे न्यायमूर्ति प्रतीक जालान ने पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव को दो सप्ताह के भीतर अभ्यावेदन पर कार्रवाई करने और नियमों के अनुसार आवास आवंटित करने का निर्देश दिया.

अदालत ने राय की पत्‍नी से एक सप्ताह के भीतर यह आश्‍वासन देने को कहा कि वे आवास खाली कर देंगे. अदालत ने पूछा कि क्या राय को शहर से बाहर स्थानांतरित होने के बाद आवास बनाए रखने का अधिकार है राय के वकील ने तर्क दिया कि मिजोरम में उनकी पोस्टिंग एक "कठिन पोस्टिंग" थी, जो उन्हें दिल्ली आवास बनाए रखने का अधिकार देती थी.

अदालत ने यह भी पूछा कि डीजेबी का घर किसी ऐसे व्यक्ति को कैसे सौंपा जा सकता है जो अब उसके कार्यालय में नहीं है न्यायाधीश ने कहा कि उन्होंने पक्षों द्वारा उठाए गए विभिन्न विवादों पर ध्यान नहीं दिया, जिनमें राय को आवास का आवंटन, एक विरासत स्मारक को ध्वस्त करने के आरोप और उसके बाद बंगले का निर्माण शामिल है उन्होंने देखा कि अधिकारी पर लगे आरोप ऐसे हैं कि वह इन्हें गंभीरता से लेंगे और इसकी जांच भी कराएंगे.

राय को गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा निलंबित कर दिया गया था, और डीजेबी के सीईओ के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान 15 वीं शताब्दी के स्मारक के विध्वंस के बाद एक आधिकारिक आवास के निर्माण में उनकी कथित संलिप्तता के कारण उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही शुरू की गई थी यह स्मारक, एक ऐतिहासिक महल, दक्षिणपूर्वी दिल्ली के जल विहार क्षेत्र में स्थित था.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 03, 2023 08:45 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).