Delhi Air Pollution: देश की राजधानी दिल्ली में दिवाली के बाद वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं हो रहा है. बुधवार, 29 अक्टूबर को भी राजधानी में हवा की स्थिति खराब रही, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, अक्षरधाम और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 307 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है.
विशेषज्ञों ने क्या कहा
विशेषज्ञों का कहना है कि राजधानी में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के पीछे मुख्य कारण वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ती धूल और औद्योगिक गतिविधियां हैं. दिवाली के समय पटाखों के चलते हवा में प्रदूषण और बढ़ गया था, और मौसमी बदलाव के बावजूद वायु की गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं देखा गया.
नागरिकों को सलाह
नागरिकों से सलाह दी जा रही है कि वे मास्क पहनें और बाहर निकलते समय सावधानी बरतें. बच्चों, बुजुर्गों और श्वसन रोग से पीड़ित लोगों को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है. प्रशासन की ओर से भी वायु प्रदूषण कम करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल राजधानी की हवा लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बनी हुई है.
लोधी रोड पर पानी का छिड़काव
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन ने लोधी रोड पर पानी का छिड़काव शुरू किया है. यह कदम राजधानी में हवा की गुणवत्ता सुधारने और लोगों को सांस लेने में राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है. ताकि दिल्ली की वायु प्रदुषण जल्द से जल्द ठीक हो सके.
पिछले साल भी कुछ इसी तरह थी वायु गुणवता
देश की राजधानी दिल्ली में भी पिछले साल दिवाली के बाद वायु गुणवता कुछ इसी तरह ख़राब हो गई थी. जिससे लोगों का सांस लेना दूभर हो गया था. हवा की गुणवता कई दिनों तक ख़राब रही. जिसके बाद वायु गुणवता ठीक हुई.













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