Delhi Seemapuri Building Collapse: न्यू सीमापुरी में गिरी इमारत के मलबे से एक और शव बरामद; मृतकों की संख्या बढ़कर 4 हुई, 8 घायल अस्पताल में भर्ती
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में बुधवार दोपहर ढही एक बहुमंजिला आवासीय इमारत के मलबे से गुरुवार सुबह एक और शव बरामद किया गया है. इसके साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है. ईदगाह मछली मंडी के पास लगभग 25 वर्ग गज में बनी यह इमारत बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे अचानक भरभराकर गिर गई थी.
नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में हुए दर्दनाक इमारत हादसे में राहत एवं बचाव कार्य गुरुवार को भी लगातार जारी है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार सुबह बचाव दलों ने मलबे के नीचे से एक और शव बाहर निकाला, जिससे हादसे में मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 4 हो गई है.
बुधवार दोपहर लगभग सवा तीन बजे ईदगाह मछली मंडी के समीप स्थित आवासीय इमारत अचानक जमींदोज हो गई थी. मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए भारी अर्थमूविंग मशीनों और कटर का सहारा लिया जा रहा है.
मृतकों में गर्भवती महिला और दो मासूम शामिल, आठ घायल
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हादसे में हताहत हुए लोगों का विवरण इस प्रकार है:
- मृतक: जान गंवाने वालों में 21 वर्षीय गुलअफशां शामिल हैं, जो करीब चार महीने की गर्भवती थीं. इसके अलावा एक 12 वर्षीय बच्ची और लगभग डेढ़ साल के एक अन्य बच्चे की भी मलबे में दबने से मौत हुई है. गुरुवार सुबह निकाले गए चौथे व्यक्ति की शिनाख्त की प्रक्रिया चल रही है.
- घायलों की स्थिति: मलबे से निकाले गए आठ घायलों को तत्काल ताहिरपुर स्थित राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल (जहां जीटीबी अस्पताल का आपातकालीन वार्ड संचालित है) में भर्ती कराया गया.
- घायलों की पहचान मोमिन मिर्जा (56), तीन वर्षीय बालक, अब्दुल रहमान (28), देवरुद्दीन (28), सलमा (50), छोटे (34), सकीना (35) और समद (30) के रूप में हुई है.
छह एजेंसियां राहत कार्य में जुटीं, संकरी गलियां बनीं चुनौती
शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि ढही हुई इमारत लगभग 25 वर्ग गज के भूखंड पर बनी थी.
- बचाव दल: दिल्ली फायर सर्विस (DFS), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA), दिल्ली पुलिस, एमसीडी और कैट्स (CATS) एम्बुलेंस सेवा के संयुक्त दल घटनास्थल पर लगातार मलबा हटाने में जुटे हैं.
- भारी लेंटर हटाने में समय: एनडीआरएफ के अधिकारियों के अनुसार, संकरी गलियों में भारी मशीनें ले जाने में कठिनाई हुई और छत के बड़े कंक्रीट लेंटर एक-दूसरे के ऊपर गिर जाने से मलबा हटाने में काफी सावधानी बरतनी पड़ रही है.
सीमापुरी में दिल्ली की इमारत गिरी
हादसे के कारणों की जांच: पास में तोड़फोड़ या भूकंप का प्रभाव?
प्रशासनिक स्तर पर इस संरचनात्मक विफलता (Structural Failure) के कारणों की बहुआयामी जांच शुरू कर दी गई है:
- पड़ोस में तोड़फोड़ कार्य: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी अजय कुमार के अनुसार, स्थानीय निवासियों ने बताया कि पास की एक अन्य इमारत में तोड़फोड़ का काम चल रहा था, जिसकी भारी मशीनरी के कंपन से यह कमजोर इमारत ढह गई होगी.
- भूकंप और पुरानी इमारत: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शुरुआती जानकारी में बताया था कि उत्तराखंड में मंगलवार शाम आए भूकंप के झटकों के बाद इमारत में दरारें देखी गई थीं. यह ढांचा करीब 20 से 25 साल पुराना था और मालिक इसे खाली कराने की प्रक्रिया में था.
- इमारत के स्वरूप पर विरोधाभास: पुलिस रिकॉर्ड में इसे चार मंजिला इमारत बताया गया है, जबकि एमसीडी के प्राथमिक ब्योरे में इसे जेजे बस्ती के पास का तीन मंजिला ढांचा कहा गया है. इस इमारत के गिरने से बगल के एक मकान और पास की मस्जिद की चहारदीवारी को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है.
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में एक महीने पहले ही 6 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई थी और 12 घायल हुए थे. दिल्ली सरकार ने इस घटना का संज्ञान लेते हुए सभी एजेंसियों को पीड़ितों को समुचित चिकित्सा सहायता और विधिक जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं.