Dehradun Shocking Case: देहरादून में 1.5 लाख रुपये में अपनी ही बेटी का सौदा, मां ने दर्ज कराई अपहरण की झूठी FIR; ऐसे खुला राज
देहरादून में एक मां द्वारा अपनी 15 वर्षीय नाबालिग बेटी को 1.5 लाख रुपये में बेचने और पुलिस में अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज कराने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मां समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
Dehradun Shocking Case: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक 35 वर्षीय महिला ने अपनी 15 साल की नाबालिग बेटी को 1.5 लाख रुपये में बेच दिया और मामले को छिपाने के लिए पुलिस में अपहरण की झूठी शिकायत दर्ज करा दी. एक महीने तक चली गहन जांच के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया. पुलिस ने इस पूरी मानव तस्करी श्रृंखला का पर्दाफाश करते हुए बच्ची की मां सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.
अपहरण की शिकायत से शुरू हुई जांच
डालनवाला के क्षेत्र अधिकारी (CO) नितिन लोहानी के अनुसार, महिला ने 5 जुलाई को पुलिस स्टेशन में अपनी बेटी के अचानक लापता होने और अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर जांच शुरू की. यह भी पढ़े: Patna Girls Hostel Scandal: नाबालिग छात्राओं के ‘रेट’ तय करने का आरोप, भुगतान बाद में लेने की बात सामने आई
जांच टीम ने एक महीने तक सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage), डिजिटल सर्विलांस और मैनुअल इंटेलिजेंस के जरिए कड़ियां जोड़ीं. सर्विलांस की मदद से पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर पहुंची, जहां से नाबालिग लड़की को ढूंढ निकाला गया.
ऐसे हुआ सौदेबाजी का पर्दाफाश
नाबालिग के मिलने के बाद पुलिस ने मुजफ्फरनगर निवासी मनीष कुमार (37 वर्ष) और मेरठ निवासी लवी कुमार (24 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि लड़की की मां ने ही अपनी बेटी को पिंकी मलिक नाम की महिला के जरिए बेचा था.
पुलिस जांच में सामने आया कि कुछ महीने पहले एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पिंकी मलिक की मुलाकात लड़की की मां से हुई थी. पिंकी ने शादी के लिए एक लड़की की तलाश की बात कही थी, जिस पर मां ने 1.5 लाख रुपये में अपनी ही बेटी का सौदा तय कर लिया.
इसके बाद पिंकी ने बच्ची को मनीष को सौंप दिया, जिसने आगे लवी कुमार से 2 लाख रुपये लेकर उसे बेच दिया, जो कि शादी करना चाहता था.
बाकी पैसे न मिलने पर दर्ज कराई झूठी FIR
मनीष को लवी से 2 लाख रुपये मिले थे, जिसमें से उसने लड़की की मां को सिर्फ 80,000 रुपये दिए और बाकी रकम बाद में देने का वादा किया. जब मनीष बाकी बचे पैसे देने में लगातार देरी करने लगा, तो मां ने पुलिस को गुमराह करने और दबाव बनाने के लिए बेटी के अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी.
आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग की मां, पिंकी मलिक, मनीष कुमार और लवी कुमार को गिरफ्तार कर सोमवार को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (बलात्कार), 87 (अपहरण) और 143 (मानव तस्करी) के साथ-साथ पोक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. पीड़ित बच्ची को आवश्यक बाल कल्याण सहायता प्रदान की जा रही है और पुलिस तस्करी के इस नेटवर्क में शामिल अन्य संभावित आरोपियों की भी जांच कर रही है.