Dalit Women Naked Parade: दलित महिला नग्न परेड को रोकने की कोशिश करने वाले पुलिसकर्मियों और लोगों को किया सम्मानित
कर्नाटक पुलिस ने उन पुलिस अधिकारियों और स्थानीय निवासियों को सम्मानित किया है, जिन्होंने बेलगावी जिले के वंटामुरी गांव में हुई नग्न परेड और हमले की घटना को रोकने का साहसी प्रयास किया था. सम्मान कार्यक्रम शनिवार को बेलगावी सिटी पुलिस मैदान में आयोजित किया गया था.
बेंगलुरु, 30 दिसंबर : कर्नाटक पुलिस ने उन पुलिस अधिकारियों और स्थानीय निवासियों को सम्मानित किया है, जिन्होंने बेलगावी जिले के वंटामुरी गांव में हुई नग्न परेड और हमले की घटना को रोकने का साहसी प्रयास किया था. सम्मान कार्यक्रम शनिवार को बेलगावी सिटी पुलिस मैदान में आयोजित किया गया था. हमले को रोकने का साहस दिखाने के लिए वंतमुरी गांव के निवासियों जहांगीर तहसीलदार, वसीम मकंदर, ग्राम पंचायत अध्यक्ष सिद्दप्पा होलिकर को सम्मानित किया गया. अदालत द्वारा दिया गया प्रशंसा पत्र बेलगावी पुलिस आयुक्त सिद्धारमप्पा ने उन्हें सौंपा. उन्हें 3,000 रुपये नकद पुरस्कार भी दिया गया. पुलिस आयुक्त सिद्धारमप्पा ने कहा कि विभाग ने उन लोगों की मदद की, जिन्होंने वंटामुरी गांव में घटना को रोकने का प्रयास किया था. वंतमुरी गांव के तीन निवासियों को अदालत द्वारा प्रदत्त प्रमाणपत्रों से सम्मानित किया गया है.
उन्होंने कहा कि पीएसआई मंजूनाथ को 5,000 रुपये नकद और अन्य स्टाफ को 4,000 रुपये नकद पुरस्कार दिया गया. जिन लोगों ने पुलिस को सूचना दी, उन्हें सुरक्षा दी जाएगी. जनता को डरना नहीं चाहिए और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर पुलिस को सूचित करना चाहिए. 10 दिसंबर को, 42 वर्षीय महिला को उसके घर के बाहर घसीटा गया, नग्न किया गया और परेड कराई गई. फिर उसे बिजली के खंभे से बांध दिया गया और उसके साथ मारपीट की गई. दरअसल, महिला का बेटा गांव की एक लड़की के साथ भाग गया था. जिससे गुस्साए लड़की के परिवार वालों ने लड़के की मां पर अपना गुस्सा निकाला. यह भी पढ़ें : Telangana Shocker: तेलंगाना में एक व्यक्ति ने पत्नी को की वीडियो कॉल, आंखों के सामने लगाई फांसी
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने घटना को रोकने में पुलिस विभाग की विफलता के लिए पहले सरकार की कड़ी आलोचना की थी. बेंच ने टिप्पणी की: "अन्य महिलाओं के बीच डर की कल्पना करें? वे देश में असुरक्षित महसूस करेंगी. ऐसी घटना महाभारत में भी नहीं हुई थी. द्रौपदी के पास भगवान कृष्ण थे जो उनकी मदद के लिए आए थे, लेकिन आधुनिक दुनिया में, कोई भी इस महिला की मदद के लिए आगे नहीं आया. दुर्भाग्य से, यह दुर्योधन और दुशासन की दुनिया है." कर्नाटक उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि जो ग्रामीण एक दलित महिला को निर्वस्त्र करके नग्न घुमाए जाने पर मूकदर्शक बने रहे, उन पर सरकार द्वारा जुर्माना लगाया जाना चाहिए, जबकि एकत्रित धन पीड़िता को दिया जाना चाहिए.
मुख्य न्यायाधीश पीबी वराले और न्यायमूर्ति कृष्ण एस दीक्षित की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले के संबंध में दायर स्वत: संज्ञान जनहित याचिका पर गौर करते हुए आगे कहा कि कर्नाटक सरकार को वंटामुरी गांव के लोगों को सजा देने या जुर्माना लगाने का प्रावधान करना चाहिए. बेलगावी जिले में जहां यह घटना हुई. मामले की जांच अब विशेष विंग आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) द्वारा की जा रही है. पुलिस ने मामले में एक नाबालिग समेत सभी 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. राज्य सरकार ने पीड़िता को 2 एकड़ जमीन दी थी.
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 30, 2023 12:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

