मध्य प्रदेश फिर शर्मसार! सीधी के जंगल में दलित लड़की से गैंगरेप, दोस्त को बंधक बनाकर की दरिंदगी
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में, पांच लोगों ने एक दलित लड़की के साथ जंगल में गैंगरेप किया. हमलावरों ने उसके दोस्त को बंधक बनाया और घटना के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी. यह घटना राज्य में दलित महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की गंभीर स्थिति को उजागर करती है.
मध्य प्रदेश के सीधी जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि राज्य में दलित महिलाओं को कितनी क्रूर हिंसा का सामना करना पड़ता है. यहाँ के चुरहट जंगल में एक युवा दलित लड़की के साथ कथित तौर पर गैंगरेप किया गया.
खबर के मुताबिक, लड़की अपने एक पुरुष दोस्त के साथ जंगल में घूमने और तस्वीरें खींचने गई थी. उसे इस बात का ज़रा भी अंदाज़ा नहीं था कि यह सैर उसकी ज़िंदगी का सबसे भयानक सपना बन जाएगी. जब वे दोनों जंगल के रास्ते पर चल रहे थे, तभी पांच लोगों ने उन्हें घेर लिया. हमलावरों ने लड़के के सिर पर डंडे से वार किया और लड़की को घसीटकर जंगल में और अंदर ले गए.
इसके बाद जो हुआ, वह बेहद क्रूर था. लड़की ने अधिकारियों को बताया कि उसने रहम की भीख मांगी, आरोपियों के पैर तक पकड़े, लेकिन उन्होंने कोई रहम नहीं दिखाया. दो लोगों ने उसके दोस्त को पकड़े रखा और बाकी तीन ने बारी-बारी से उसके साथ रेप किया. इस हैवानियत के बाद उन्होंने दोनों को जान से मारने की धमकी दी और कहा कि अगर इस बारे में किसी को बताया तो वे उन्हें मार डालेंगे. हमलावर उनके मोबाइल फोन भी छीनकर घने जंगल में भाग गए.
रोती-बिलखती और बुरी तरह टूटी हुई लड़की दोपहर करीब 2:30 बजे जंगल से बाहर निकली. वह किसी तरह पास के एक गाँव में चल रहे कंस्ट्रक्शन साइट पर पहुंची और वहां के मजदूरों को अपनी आपबीती सुनाई. इसके बाद उसे स्थानीय सरपंच के पति दलबीर सिंह गोंड के पास ले जाया गया, जिनकी मदद से पुलिस को सूचना दी गई.
पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुँची. जंगल के अंदर उन्हें हमले के सबूत भी मिले, जैसे खून से सना तौलिया और संघर्ष के निशान. पुलिस की टीमों ने रात भर आस-पास के गाँवों में आरोपियों की तलाश में छापेमारी की.
जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इस घटना को "जघन्य" बताया. उन्होंने कहा कि पहली प्राथमिकता लड़की का मेडिकल इलाज कराना है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि भले ही इलाका सुनसान है और वहां कोई CCTV नहीं है, लेकिन अपराधियों को जल्द ही पकड़कर कानून के तहत सबसे कड़ी सज़ा दी जाएगी. पुलिस ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, लेकिन अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.
यह बर्बर घटना ऐसे समय में हुई है जब मध्य प्रदेश सरकार ने खुद विधानसभा में दलित और आदिवासी महिलाओं के खिलाफ अपराधों के चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं. कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के एक सवाल के जवाब में सरकार ने बताया कि 2022 से 2024 के बीच राज्य में दलित और आदिवासी महिलाओं के साथ बलात्कार के 7,418 मामले दर्ज हुए, यानी हर दिन औसतन 7 रेप. इसी दौरान, अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं के साथ गैंगरेप के 338 और हत्या के 558 मामले सामने आए. आपको बता दें कि मध्य प्रदेश की आबादी में दलित और आदिवासियों की हिस्सेदारी लगभग 38% है.