बंगाल की खाड़ी से उठेगा ‘सेन्यार’ तूफान, अगले 48 घंटे अहम; तेज बारिश और आंधी का अलर्ट
IMD के मुताबिक 24 नवंबर को मलेशिया और मलक्का जलडमरूमध्य के पास यह लो-प्रेशर एरिया साफ तौर पर विकसित हुआ. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सिस्टम पहले डिप्रेशन में तब्दील होगा और फिर धीरे-धीरे गहराते हुए चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है.
Cyclone Senyar Update: बंगाल की खाड़ी में मलेशिया और मलक्का जलडमरूमध्य के पास बना लो-प्रेशर सिस्टम तेजी से सक्रिय होता दिख रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह सिस्टम अगले 24 घंटों में दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर डिप्रेशन में बदल सकता है और आगे चलकर इसके ‘साइक्लोन सेन्यार’ में बदलने की संभावना भी जताई जा रही है. मौसम विभाग ने कहा यह अगले 48 घंटों में दक्षिणी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक साइक्लोनिक तूफान में बदल सकता है. यह सिस्टम अभी पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है. इस संभावित चक्रवाती तूफान को लेकर तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया है.
IMD के मुताबिक 24 नवंबर को मलेशिया और मलक्का जलडमरूमध्य के पास यह लो-प्रेशर एरिया साफ तौर पर विकसित हुआ. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सिस्टम पहले डिप्रेशन में तब्दील होगा और फिर धीरे-धीरे गहराते हुए चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है.
दक्षिण अंडमान सागर, मलक्का स्ट्रेट और मलेशिया के तटीय इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाएं और उथल-पुथल भरा समुद्र देखने को मिल सकता है.
अंडमान-निकोबार से दक्षिण भारत तक भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक 25 से 29 नवंबर तक अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है. इस दौरान तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप, तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में भी तेज बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है.
अगर यह सिस्टम और मजबूत हुआ तो ओडिशा के कुछ तटीय जिलों में भी 25 से 27 नवंबर के बीच बारिश हो सकती है.
IMD वैज्ञानिक संजीव द्विवेदी ने ANI से बातचीत में बताया कि यह सिस्टम “पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा” में आगे बढ़ेगा और अगले चरण में और शक्तिशाली बन सकता है.
क्या 26 नवंबर को बनेगा 'साइक्लोन सेन्यार'?
मौसम विभाग का अनुमान है कि यह सिस्टम 26 नवंबर तक चक्रवाती तूफान ‘साइक्लोन सेन्यार’ का रूप ले सकता है. संयुक्त अरब अमीरात द्वारा सुझाए गए इस नाम ‘Senyar’ का अर्थ ‘शेर’ होता है. यह नाम उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र के अगले चक्रवाती तूफान के तौर पर तय है.
समुद्री और तटीय क्षेत्रों को सतर्क रहने की जरूरत
तेज हवाओं और उग्र समुद्र की आशंका को देखते हुए मछुआरों और तटीय निवासियों को सतर्क रहने को कहा गया है. यदि सिस्टम तेजी से मजबूत होता है, तो यह दक्षिण भारतीय राज्यों पर बड़ा असर डाल सकता है. मौसम विभाग लगातार अपडेट जारी कर रहा है और आने वाले 24 घंटे इसके स्वरूप को लेकर बेहद निर्णायक साबित होंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 25, 2025 04:39 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

