Cyclone Montha: भारत मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि साइक्लोन मोंथा (Cyclone Montha) मंगलवार शाम या रात को आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों से टकरा सकता है. तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. विभाग के अनुसार, यह चक्रवात अभी बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य हिस्से में बना हुआ है और तेजी से उत्तर दिशा में बढ़ रहा है.
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में इतने शक्तिशाली चक्रवात का बनना करीब दो दशक बाद देखा जा रहा है. IMD ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें, समुद्र तटों पर न जाएं.
कब और कहां होगा लैंडफॉल?
IMD के अनुसार, मोंथा चक्रवात मंगलवार यानी 28 अक्टूबर की शाम या रात को काकीनाडा के पास तट से टकराएगा. यह मछलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच लैंडफॉल करेगा. इस दौरान हवा की रफ्तार 90 से 100 किमी प्रति घंटा होगी, जो झोंकों में 110 किमी प्रति घंटा तक जा सकती है.
आंध्र प्रदेश तट से कल टकराएगा तूफान
Cyclonic Storm 'Montha' is likely to move north-northwestwards and intensify into a severe cyclonic storm by morning of 28th October. Continuing to move further north-northwestwards, it is very likely to cross Andhra Pradesh coast between Machilipatnam and Kalingapatnam around… pic.twitter.com/dLYLMB3Sc5
— ANI (@ANI) October 27, 2025
कौन-कौन से इलाके होंगे सबसे ज्यादा प्रभावित?
मौसम विभाग ने बताया कि आंध्र प्रदेश इस तूफान से सबसे ज्यादा प्रभावित होगा. राज्य के काकीनाडा, कोना सीम, एलुरु, वेस्ट गोदावरी, कृष्णा, गुंटूर, बापटला, प्रकाशम और नेल्लोर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है. इन इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाएं और संभावित भूस्खलन की आशंका जताई गई है.
स्कूल बंद, राहत केंद्र सक्रिय
नेल्लोर जिले में भारी बारिश को देखते हुए स्कूलों को बंद कर दिया गया है और 144 राहत केंद्र सक्रिय कर दिए गए हैं. जिला कलेक्टर हिमांशु शुक्ला ने बताया कि सोमासिला बांध के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी संभावित बाढ़ स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है.
दक्षिण भारत में बारिश का अलर्ट
चक्रवात के प्रभाव से तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना और कर्नाटक में हल्की से मध्यम बारिश होगी.
तमिलनाडु के चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, चेन्नई, तिरुनेलवेली, थेनी और कन्याकुमारी जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. वहीं, केरल और लक्षद्वीप में भी अगले 48 घंटे तक तेज हवाओं और गरज के साथ बारिश के आसार हैं.
ओडिशा में भी हाई अलर्ट
दक्षिण ओडिशा में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है. आठ जिलों में 123 आपदा राहत टीमें तैनात की गई हैं. मुख्य अग्निशमन अधिकारी रमेश माझी ने कहा कि लोग तब तक घरों से बाहर न निकलें जब तक सरकार की ओर से सुरक्षित स्थिति घोषित नहीं की जाती.
प्रधानमंत्री और सीएम की बैठकें जारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से बात कर स्थिति की जानकारी ली है. इसके बाद राज्य के आईटी मंत्री नारा लोकेश को पीएमओ के साथ तालमेल बनाए रखने का निर्देश दिया गया है. सीएम नायडू ने भी आपदा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावित इलाकों से समय पर निकासी सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं.
मछुआरों के लिए चेतावनी
विशाखापत्तनम साइक्लोन वार्निंग सेंटर के ड्यूटी ऑफिसर जगन्नाथ कुमार ने बताया कि अगले पांच दिनों तक तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. उन्होंने कहा, “29 अक्टूबर के बाद स्थिति सामान्य होगी, तब तक मछुआरे समुद्र में न जाएं.”
पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश की संभावना
IMD के अनुसार, मंगलवार से पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश शुरू हो सकती है. 28 से 31 अक्टूबर तक कोलकाता, मेदिनीपुर, हावड़ा और पुरुलिया में तेज हवाओं और बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है.













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