पश्चिम रेलवे के 410 कोच बनेंगे आइसोलेशन वार्ड, कोरोना संदिग्धों को रखने का होगा इंतजाम
कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए, भारतीय रेलवे ने कमर कस ली है. वे केंद्र सरकार के द्वारा किये गए प्रयासों में सहयोग दे रहे हैं.
पश्चिम रेलवे ने शुक्रवार को कहा कि वह मुंबई मंडल सहित अपने सभी छह प्रभागों में संदिग्ध कोरोनावायरस रोगियों के अलगाव की सुविधा के लिए लगभग 410 ट्रेन डिब्बों को परिवर्तित करेगा. भावनगर कार्यशाला में संभवतः संक्रमित COVID -19 रोगियों के अलगाव के लिए एक कोच को पहले ही परिवर्तित किया गया है. अधिकारियों ने कहा कि मुंबई मंडल सहित सभी 6 डिवीजनों में पश्चिम रेलवे द्वारा 410 कोच परिवर्तित किए जाएंगे.
कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए, भारतीय रेलवे ने कमर कस ली है. वे केंद्र सरकार के द्वारा किये गए प्रयासों में सहयोग दे रहे हैं. रेलवे ने रेलवे कोच को मॉडिफाई किया है ताकि उसमे कोरोना के संदिग्ध रोगियों को रखा जा सके. साथ ही अतिरिक्त डॉक्टरों और अन्य पैरामेडिक्स स्टाफ को भी भर्ती कराया गया है.
नार्थ ईस्ट फ्रंटियर रेलवे ने अपने एनएफ रेलवे सेंट्रल अस्पताल, मालीगांव में चिकित्सा पेशेवरों से परामर्श करने के बाद कामाख्या और गुवाहाटी में कोच रखरखाव डिपो में कोचों को आइसोलेशन वार्ड में परिवर्तित करना शुरू कर दिया है. बता दें कि रेलवे ये कदम ऐसे समय में उठा रही है जब देश में कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया है स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार इस महामारी से 56 लोगों की मौत हुई है और अब तक कुल 2,301 लोगों को संक्रमित हुए है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 03, 2020 01:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

