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Corona Vaccination: केंद्र सरकार ने राज्यों को दिया निर्देश, प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीनेशन रोका जाना चाहिए

लक्जरी होटलों द्वारा कोविड टीकाकरण पैकेज, जिसमें आरामदायक स्टे, स्वस्थ नाश्ता, रात का खाना और वाईफाई शामिल हैं, साथ ही एक प्रसिद्ध अस्पताल के विशेषज्ञों द्वारा टीकाकरण और अनुरोध पर क्लिनिकल सलाह के साथ-साथ सोशल मीडिया पर आलोचना की गई है.

Corona Vaccination: केंद्र सरकार ने राज्यों को दिया निर्देश, प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीनेशन रोका जाना चाहिए
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन (Photo Credits: ANI)

नई दिल्ली: कुछ निजी अस्पतालों द्वारा लग्जरी होटलों के सहयोग से कोविड-19 टीकाकरण (Covid-19 Vaccination) के लिए पैकेज देने की खबरों पर संज्ञान लेते हुए केंद्र ने राज्यों (States) को दिशा-निदेशरें का उल्लंघन रोकने और ऐसे संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Union Ministry of Health) ने शनिवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UT) को लिखे पत्र में कहा, "स्टार होटलों में किया जाने वाला टीकाकरण दिशानिदेशरें के विपरीत है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए." Corona Vaccination: देश में 18-44 वर्ष आयुवर्ग के टीकाकरण ने पकड़ी रफ्तार, अब तक एक करोड़ से ज्यादा को लगी वैक्सीन

"ऐसे संस्थानों के खिलाफ आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए. इसलिए, आपसे यह भी अनुरोध किया जाता है कि आप निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय कोविड टीकाकरण अभियान चलाया जाए."

यह निर्देश दिया जाता है कि अधिकारी निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि दुनिया के सबसे बड़े अभ्यास को करते समय कोविड टीकाकरण दिशानिदेशरें का पालन किया जाये.

दिशानिदेशरें के तहत, समूह आवास समितियों, आरडब्ल्यूए कार्यालयों, सामुदायिक केंद्रों, पंचायत भवनों में आयोजित होने वाले बुजुर्गों और विकलांग व्यक्तियों के लिए सरकारी और निजी कोविड टीकाकरण केंद्रों, कार्यस्थलों, घर के पास, स्कूल और कॉलेज, वृद्धाश्रम आदि अस्थायी आधार पर कोविड टीकाकरण केंद्र के पास टीकाकरण किया जा सकता है.

लक्जरी होटलों द्वारा कोविड टीकाकरण पैकेज, जिसमें आरामदायक स्टे, स्वस्थ नाश्ता, रात का खाना और वाईफाई शामिल हैं, साथ ही एक प्रसिद्ध अस्पताल के विशेषज्ञों द्वारा टीकाकरण और अनुरोध पर क्लिनिकल सलाह के साथ-साथ सोशल मीडिया पर आलोचना की गई है.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने टीके की तीव्र कमी को उठाते हुए शनिवार को कहा, "अगर केंद्र के पास राज्यों के लिए पर्याप्त स्टॉक नहीं है तो निजी अस्पतालों को खुराक कैसे मिल रही है."

सिसोदिया ने कहा कि यह टीके की कमी थी जिसने राज्य सरकार को 18-44 वर्ष आयु वर्ग के लिए टीकाकरण कार्यक्रम को स्थगित करने के लिए मजबूर किया है.

इस साल 16 जनवरी को भारत में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू होने के बाद से अब तक 21 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं. सरकार का लक्ष्य इस साल दिसंबर के अंत तक पूरे देश में टीकाकरण करना है.

(The above story first appeared on LatestLY on May 30, 2021 08:08 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).