Content Providers Now Under Government Regulation: ऑनलाइन फिल्म, ऑडियो-विजुअल कार्यक्रम, ऑनलाइन न्यूज अब सूचना और प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत
केंद्र ने बुधवार को घोषणा की कि सभी ऑनलाइन फिल्में, ऑडियो वीडियो कार्यक्रम, ऑनलाइन न्यूज और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर वर्तमान मामलों की सामग्री को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के दायरे में लाया जाएगा. भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
केंद्र ने बुधवार को घोषणा की कि सभी ऑनलाइन फिल्में, ऑडियो वीडियो कार्यक्रम, ऑनलाइन न्यूज और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर वर्तमान मामलों की सामग्री को सूचना और प्रसारण मंत्रालय के दायरे में लाया जाएगा. भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद द्वारा हस्ताक्षरित आदेश में कहा गया है कि यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा. "सरकार ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत ऑनलाइन फिल्मों और ऑडियो-विजुअल कार्यक्रमों और ऑनलाइन समाचार और वर्तमान मामलों के कंटेंट अंतर्गत लाने के आदेश जारी किए हैं," एएनआई ने ट्वीट के जरिये कहा. यह भी पढ़ें: सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने फर्जी खबर चलाने पर 'कन्नड़ समाचार चैनल' को जारी किया कारण बताओ नोटिस
अब तक भारत में विभिन्न ओटीटी प्लेटफार्मों (OTT Platforms) और कई ऑनलाइन न्यूज और इन्फोटेनमेंट पोर्टल्स पर उपलब्ध ऑनलाइन सामग्री के नियमन के लिए कोई कानून या निकाय नहीं था. जबकि प्रिंट मीडिया को भारतीय प्रेस परिषद द्वारा विनियमित किया जाता है, समाचार प्रसारणकर्ता संघ (एनबीए) इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में विभिन्न समाचार चैनलों के काम को देखता है. एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया विज्ञापन से संबंधित मामलों और संगठनों पर शासन करता है, जबकि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों की निगरानी के लिए जिम्मेदार है. यह भी पढ़ें: Advisory Issued For Cable Television Network: सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने केबल टेलीविजन नेटवर्क को जारी की एडवायजरी, इन चीजों को किया बैन
देखें ट्वीट:
Government issues order bringing online films and audio-visual programmes, and online news and current affairs content under the Ministry of Information and Broadcasting. pic.twitter.com/MoJAjW8fUH
— ANI (@ANI) November 11, 2020
बता दें कि साल 2019 में सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ओटीटी प्लेटफार्मों पर कंटेंट पर अपनी चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि इन प्लेटफार्मों के काम को देखने के लिए किसी प्रकार का नियामक निकाय (Regulatory Body) होना चाहिए.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 11, 2020 12:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

