CJP Protest: सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो का बड़ा बयान; बोलीं- 'संसद चलो' मार्च पूरी तरह सफल, देश में जागी शिक्षा पर चेतना

जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 'संसद चलो' मार्च को बेहद सफल बताया है. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने देश भर में शिक्षा में पारदर्शिता और सरकारी जवाबदेही को लेकर एक राष्ट्रीय चेतना जगाने का काम किया है.

गीतांजलि अंगमो (Photo Credits: File Image)

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र (Monsoon Session of Parliament) के पहले दिन सोमवार, 20 जुलाई 2026 को राजधानी दिल्ली (Delhi)  में आयोजित 'संसद चलो' (Sansad Chalo) प्रदर्शन के बाद प्रसिद्ध शिक्षा सुधारक और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो (Dr. Geetanjali Angmo) का अहम बयान सामने आया है. समाचार एजेंसी 'ANI' से बातचीत करते हुए गीतांजलि अंगमो ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में निकाले गए इस विरोध मार्च को "अत्यधिक सफल" करार दिया.

उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने दिल्ली की सीमाओं से परे निकलकर पूरे देश के युवाओं, छात्रों और अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया है और शिक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता पर एक राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है. यह भी पढ़ें: Sonam Wangchuk: 'मैं बिल्कुल ठीक महसूस कर रहा हूं', सफदरजंग अस्पताल से छुट्टी मांग बोले सोनम वांगचुक— 'संसद चलो' मार्च में शामिल होने दें

'सरकार ने प्रयास किए, लेकिन लोगों का भरोसा नहीं खोया'

प्रदर्शन के बाद गीतांजलि अंगमो ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब तक मांगों को आधिकारिक रूप से स्वीकार नहीं कर लिया जाता, तब तक सरकार पर भरोसा नहीं किया जा सकता.

उन्होंने कहा:

"आज का प्रदर्शन मार्च अत्यधिक सफल रहा है. इसने देश भर के लोगों में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर एक चेतना जगाई है. सरकार ने मेट्रो स्टेशन बंद करके और आवाजाही रोककर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद हजारों की संख्या में लोग अपनी आवाज बुलंद करने पहुंचे। जब तक हमारी ठोस मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम सरकार पर भरोसा नहीं कर सकते."

शांतिपूर्ण तरीके से शिक्षा के मुख्य मुद्दे पर फोकस रहने की अपील

इससे पहले, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए गीतांजलि अंगमो ने छात्रों और युवाओं से अनुशासन बनाए रखने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य देश में पारदर्शी और लीक-मुक्त शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है.

उन्होंने प्रतिभागियों से आह्वान किया था कि वे किसी भी तरह के उकसावे या असमाजिक तत्वों की साजिश का शिकार न बनें और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से केवल अपने मुख्य मुद्दे—"शिक्षा और जवाबदेही"—पर ही केंद्रित रहें.

अस्पताल से सोनम वांगचुक की मुहिम जारी

उल्लेखनीय है कि 21 दिनों तक चले अनशन के बाद दिल्ली पुलिस द्वारा सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए गए सोनम वांगचुक की अनुपस्थिति में गीतांजलि अंगमो ने विरोध मार्च में सक्रिय भूमिका निभाई. वांगचुक ने भी अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर 'संसद चलो' मार्च में भाग लेने के लिए छुट्टी मांगी थी.

गीतांजलि अंगमो ने स्पष्ट किया कि CJP और छात्रों का यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्र सरकार नीट-यूजी (NEET-UG) सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में संस्थागत सुधार और छात्रों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए लिखित व कड़े कदम नहीं उठाती.

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