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Chitrakoot Gang-Rape: चित्रकूट गैंगरेप कांड के बाद महिला सुरक्षा पर उठे सवाल, अभिभावकों में बढ़ी चिंता

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में 22 जुलाई 2026 को नीट (NEET) अभ्यर्थी छात्रा के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की घटना ने महिला सुरक्षा और अभिभावकों की चिंता को गहरा कर दिया है. पुलिस की त्वरित मुठभेड़ कार्रवाई, आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवालों पर विस्तृत रिपोर्ट.

Chitrakoot Gang-Rape: चित्रकूट गैंगरेप कांड के बाद महिला सुरक्षा पर उठे सवाल, अभिभावकों में बढ़ी चिंता
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: File Image)

Chitrakoot Gang-Rape: उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में देवांगना घाटी स्थित पर्यटन स्थल पर नीट (NEET) की तैयारी कर रही 20 वर्षीय छात्रा के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की बर्बर घटना ने प्रदेश में महिला सुरक्षा के दावों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मध्य प्रदेश के सतना जिले की रहने वाली पीड़ित छात्रा राजस्थान के कोटा में रहकर नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी. इस खौफनाक वारदात के बाद न सिर्फ स्थानीय निवासियों में आक्रोश व्याप्त है, बल्कि दूर-दराज के शहरों और कोचिंग हब में पढ़ने वाली छात्राओं के अभिभावक भी अपनी बेटियों की सुरक्षा को लेकर गहरे असमंजस और चिंता में हैं.

देवांगना घाटी में हुई हैवानियत का पूरा घटनाक्रम

यह मामला 22 जुलाई 2026 की दोपहर चित्रकूट जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर देवांगना एयरपोर्ट घाटी के पास घटी. पीड़ित छात्रा अपने 17 वर्षीय दोस्त के साथ घाटी की पहाड़ी पर बैठी थी. इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार तीन अज्ञात युवक वहां पहुंचे और खुद को वन विभाग का कर्मचारी बताकर उन्हें डराने-धमकाने लगे.

आरोपियों ने छात्र की बेल्ट से बुरी तरह पिटाई की और उसके हाथ-पैर गमछे से बांधकर उसे असहाय छोड़ दिया. इसके बाद दो आरोपी छात्रा को घसीटते हुए पास की झाड़ियों में ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए. मोबाइल नेटवर्क क्षेत्र में पहुंचने पर पीड़ित छात्र ने आपातकालीन नंबर 112 पर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद दोनों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया.

एनकाउंटर के बाद मुख्य आरोपी गिरफ्तार

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रयागराज जोन के एडीजी ज्योति नारायण और डीआईजी राजेश एस ने घटनास्थल का जायजा लिया. चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में बांदा, चित्रकूट और प्रयागराज की एसओजी (SOG) तथा साइबर सेल की विशेष टीमों का गठन किया गया.

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर 48 घंटे के भीतर आरोपियों की पहचान की. 25 जुलाई 2026 को भरतकूप थाना क्षेत्र के मड़फा जंगलों में मुठभेड़ के दौरान 50 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ भोला (24) के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया. कार्रवाई के दौरान एक पुलिस सिपाही भी घायल हुआ. मामले में नामजद अन्य फरार सह-आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की छापेमारी जारी है.

एकांत पर्यटन स्थलों और छात्राओं की सुरक्षा पर गहराता संकट

इस घटना ने विशेष रूप से पर्यटन स्थलों, पहाड़ी इलाकों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न चिन्ह लगा दिए हैं. अभिभावकों का कहना है कि पढ़ाई या छुट्टियों के दौरान बाहर निकलने वाली छात्राओं के लिए सुनसान रास्ते और निगरानी-रहित पिकनिक स्पॉट बेहद असुरक्षित साबित हो रहे हैं.

सामाजिक संगठनों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि प्रमुख पर्यटन स्थलों और सुनसान इलाकों पर नियमित पुलिस गश्त, सीसीटीवी कैमरों की तैनाती और आपातकालीन पैनिक बटन की व्यवस्था तुरंत अनिवार्य की जाए.

प्रशासन का आश्वासन और कानूनी रुख

उत्तर प्रदेश पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70 (सामूहिक दुष्कर्म) सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर अदालत में फास्ट-ट्रैक पैरवी की तैयारी शुरू कर दी है. राज्य सरकार और पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं से जुड़े अपराधों में जीरो-टॉलरेंस की नीति के तहत अपराधियों के खिलाफ ऐसी कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी जो नजीर बने.

(The above story first appeared on LatestLY on Jul 28, 2026 02:53 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).