8th Pay Commission Fitment Factor: 3.83 या 4.0 फिटमेंट फैक्टर से कितनी बढ़ सकती है सरकारी कर्मचारियों की सैलरी? जानें पूरा गणित
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को 3.83 या 4.0 तय करने की मांग की गई है. अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 72,000 रुपये तक पहुंच सकती है. जानिए पे मैट्रिक्स लेवल के हिसाब से संभावित वेतन वृद्धि का पूरा विवरण.
- Read in
- English
8th Pay Commission Fitment Factor: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग के तहत संशोधित वेतन संरचना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं! नए वेतन आयोग में कर्मचारियों के संशोधित मूल वेतन (Basic Pay) की गणना करने के लिए इस्तेमाल होने वाले 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) पर सभी की निगाहें टिकी हैं. कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संगठनों ने आयोग को सौंपे गए ज्ञापनों में 3.83 और 4.0 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग की है.
यदि सरकार इन सिफारिशों को स्वीकार कर लेती है, तो शुरुआती स्तर की न्यूनतम बेसिक सैलरी मौजूदा 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 69,000 रुपये या 72,000 रुपये प्रति माह हो सकती है. फिलहाल जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित 8वां वेतन आयोग देश भर में हितधारकों के साथ परामर्श प्रक्रिया पूरी कर रहा है. यह भी पढ़े: 8th Pay Commission: पेंशनभोगियों के लिए बड़ी मांग; 90 वर्ष की आयु पर मिले अंतिम वेतन की 100% पेंशन, कर्मचारी संगठनों ने आयोग को सौंपा प्रस्ताव
क्या होता है फिटमेंट फैक्टर और कैसे होती है गणना?
फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणक (Multiplier) है, जिसका उपयोग पिछले वेतन आयोग के बेसिक पे को नए वेतन आयोग के तहत संशोधित बेसिक पे में बदलने के लिए किया जाता है. इसका मुख्य उद्देश्य समय के साथ बढ़ने वाली महंगाई और जीवन यापन की लागत के प्रभाव को संतुलित करना होता है.
-
गणितीय सूत्र: संशोधित मूल वेतन = वर्तमान मूल वेतन × फिटमेंट फैक्टर
ऐतिहासिक संदर्भ के रूप में, 6वें केंद्रीय वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 निर्धारित किया गया था, जिसे 7वें वेतन आयोग में बढ़ाकर 2.57 कर दिया गया था. 7वें वेतन आयोग के तहत ही न्यूनतम बेसिक पे 18,000 रुपये तय की गई थी.
कर्मचारी यूनियनों ने रखी ऐतिहासिक बढ़ोतरी की मांग
बढ़ती महंगाई और जीवन यापन के खर्चों का हवाला देते हुए कर्मचारी संगठनों ने इस बार सबसे बड़े फिटमेंट फैक्टर की मांग उठाई है:
-
ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ पेंशनर्स एसोसिएशंस (AIFPA): संगठन ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का सुझाव दिया है.
-
भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS): संगठन ने आयोग को दिए अपने औपचारिक ज्ञापन में 4.0 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है.
यदि इनमें से कोई भी प्रस्ताव मंजूर होता है, तो यह वेतन आयोग के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बेसलाइन गुणक होगा.
पे मैट्रिक्स लेवल के अनुसार संभावित बेसिक सैलरी का अनुमान
विभिन्न पे मैट्रिक्स लेवल के तहत 3.83 और 4.0 के फिटमेंट फैक्टर पर संशोधित मूल वेतन की संभावित गणना इस प्रकार होगी:
| पे मैट्रिक्स लेवल | 7वां CPC मूल वेतन | संभावित वेतन (3.83 फिटमेंट) | संभावित वेतन (4.0 फिटमेंट) |
| लेवल 1 (एंट्री लेवल) | INR 18,000 | INR 68,940 | INR 72,000 |
| लेवल 2 | INR 19,900 | INR 76,217 | INR 79,600 |
| लेवल 3 | INR 21,700 | INR 83,111 | INR 86,800 |
| लेवल 4 | INR 25,500 | INR 97,665 | INR 1,02,000 |
| लेवल 5 | INR 29,200 | INR 1,11,836 | INR 1,16,800 |
| लेवल 6 | INR 35,400 | INR 1,35,582 | INR 1,41,600 |
| लेवल 7 | INR 44,900 | INR 1,71,967 | INR 1,79,600 |
| लेवल 10 | INR 56,100 | INR 2,14,863 | INR 2,24,400 |
| लेवल 13 | INR 1,23,100 | INR 4,71,473 | INR 4,92,400 |
| लेवल 18 (अपेक्स ग्रेड) | INR 2,50,000 | INR 9,57,500 | INR 10,00,000 |
(ध्यान दें: यह तालिका केवल मूल वेतन (Basic Pay) के अनुमान पर आधारित है. कर्मचारियों का इन-हैंड (Take-home) वेतन महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), परिवहन भत्ता (TA) और अन्य वैधानिक कटौतियों के जुड़ने के बाद तय होगा.)
कब तक लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?
केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 8वें वेतन आयोग का औपचारिक गठन किया था. आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने, हितधारकों से विचार-विमर्श करने और राजकोषीय प्रभावों का अध्ययन करने के लिए 18 महीने की समयावधि दी गई है.
आयोग द्वारा अपनी
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 15, 2026 03:55 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

