Char Dham Yatra: बारिश और भूस्खलन के बाद चारधाम यात्रा पुनः शुरू; मार्गों पर रखी जा रही कड़ी निगरानी

उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के कारण एहतियातन रोकी गई चारधाम यात्रा को मंगलवार, 21 जुलाई को दोबारा शुरू कर दिया गया है. यात्रा मार्गों की समीक्षा के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं की आवाजाही की अनुमति दी है। गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है.

चार धाम यात्रा (Photo Credits: File Image)

देहरादून: उत्तराखंड (Uttarakhand) में मूसलाधार बारिश और जगह-जगह हुए भूस्खलन (Landslide) के कारण एहतियातन रोकी गई चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) को मंगलवार, 21 जुलाई 2026 को दोबारा शुरू कर दिया गया है. मौसम और यात्रा मार्गों की स्थिति की व्यापक समीक्षा के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं को आगे की यात्रा जारी रखने की अनुमति दे दी.

गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप के अनुसार, यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाए रखने के लिए सभी संबंधित जिलों के प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और अन्य विभागों के बीच आपसी तालमेल से काम किया जा रहा है. यह भी पढ़ें: Char Dham Yatra Fraud: चारधाम यात्रा के लिए फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार

यात्रा मार्गों की लगातार निगरानी और सतर्कता

गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि चारधाम यात्रा से जुड़े सभी प्रमुख मार्गों की लगातार निगरानी की जा रही है. विशेषकर भूस्खलन के लिहाज से संवेदनशील (Vulnerable) इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि सड़क बंद होने की स्थिति में तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू किया जा सके.

उन्होंने कहा कि प्रशासन की पहली प्राथमिकता तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इसके लिए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और मौसम के मिजाज पर चौबीसों घंटे नज़र रखी जा रही है.

श्रद्धालुओं को प्रशासनिक दिशा-निर्देश पालन करने की सलाह

प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम की अद्यतन जानकारी (Weather Updates) लेने के बाद ही अपनी यात्रा शुरू करें. यदि भारी बारिश या भूस्खलन के कारण मार्ग अस्थायी रूप से बाधित होता है, तो यात्री घबराएं नहीं और प्रशासन द्वारा चिह्नित सुरक्षित स्थानों (Holding Areas) पर ही रुकें.

आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जब तक मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित नहीं हो जाता, तब तक किसी भी यात्री को जोखिम भरे इलाकों में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. उन्होंने श्रद्धालुओं से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने का आग्रह किया है.

बारिश के कारण एहतियातन रोकी गई थी यात्रा

गौरतलब है कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद सोमवार, 20 जुलाई को चारधाम यात्रा को एहतियातन स्थगित कर दिया गया था.

राज्य के कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण सड़कें बाधित हो गई थीं. स्थिति सामान्य होने और सड़कों से मलबा हटाए जाने के बाद मंगलवार को यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा पुनः सुचारू रूप से शुरू कर दी गई.

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