Char Dham Yatra Fraud: चारधाम यात्रा के लिए फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस की साइबर सेल ने चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को फर्जी हेलीकॉप्टर टिकट बेचने वाले एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने वित्तीय धोखाधड़ी के लिए फर्जी बैंक खाते (म्यूल अकाउंट्स) तैयार करने वाले उत्तर प्रदेश के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
गुरुग्राम: उत्तराखंड (Uttarakhand) की पवित्र चारधाम यात्रा (Char Dham Yatra) पर जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ हेलीकॉप्टर बुकिंग के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का गुरुग्राम पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. साइबर पुलिस स्टेशन (साउथ) (Cyber Police Station (South) की टीम ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए तीन ऐसे शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे सिंडिकेट के लिए वित्तीय ढांचा (फर्जी बैंक खाते) तैयार करने का काम कर रहे थे. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 मोबाइल फोन, 5 बैंक पासबुक, 16 चेक बुक और 18 एटीएम (ATM) कार्ड बरामद किए हैं. यह भी पढ़ें: Badrinath Yatra 2026 Travel Guide: कपाट खुलने के साथ ही बद्रीनाथ धाम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब; सड़क, रेल और हवाई मार्ग की पूरी जानकारी
उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं तीनों आरोपी
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों संदिग्धों की पहचान उत्तर प्रदेश के मूल निवासियों के रूप में हुई है. पकड़े गए आरोपियों में अजीत कुमार शाह (30) बलिया का, प्रदुम (30) आजमगढ़ का और विनय (40) सुल्तानपुर का रहने वाला है.
जांच में सामने आया है कि ये तीनों आरोपी मुख्य रूप से दिल्ली-एनसीआर में रहकर साइबर अपराधियों के लिए काम कर रहे थे और भोले-भले लोगों को ठगने के लिए बैंक खातों का बंदोबस्त करते थे.
आधार कार्ड में पता बदलकर खुलवाए दर्जनों फर्जी खाते
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सामने साइबर ठगी के इस अनोखे तौर-तरीके (मोडस ऑपेरंडी) का खुलासा किया. उन्होंने बताया कि वे अपने आधिकारिक सरकारी पहचान पत्रों (जैसे आधार कार्ड) पर लगे पते (एड्रेस) को बार-बार और योजनाबद्ध तरीके से अपडेट या चेंज करवाते थे.
इस बदले हुए पते का उपयोग करके वे अलग-अलग बैंकों में प्रति व्यक्ति 10 से अधिक खाते खुलवा लेते थे. इन संदिग्ध खातों (जिन्हें साइबर अपराध की भाषा में 'म्यूल अकाउंट्स' या खच्चर खाते कहा जाता है) की पासबुक, चेक बुक और एटीएम कार्ड को वे मुख्य साइबर सिंडिकेट को सौंप देते थे. प्रत्येक पूरी तरह से चालू (ऑपरेशनल) बैंक खाता मुहैया कराने के बदले उन्हें 5,000 रुपये का कमीशन मिलता था.
नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर लिंक मिले खाते
गुरुग्राम पुलिस की शुरुआती तफ्तीश में सामने आया है कि इस गिरोह में सबसे पहले विनय शामिल हुआ था, जिसने अपने एक अज्ञात साथी के कहने पर इस अवैध काम की शुरुआत की थी. बाद में विनय ने ही अजीत शाह और प्रदुम को भी मोटी कमाई का लालच देकर इस नेटवर्क में भर्ती किया.
पकड़े गए बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जब 'नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' पर जांच की गई, तो प्राथमिक रूप से ये खाते पहले से ही तीन अलग-अलग साइबर धोखाधड़ी की शिकायतों से जुड़े हुए पाए गए.
नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी पुलिस
मामले की जानकारी देते हुए साइबर अपराध के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) गौरव फोगट ने बताया, "पकड़े गए आरोपियों से वर्तमान मामले के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों में हुए साइबर फ्रॉड में उनकी भूमिका को लेकर कड़ाई से पूछताछ की जा रही है. हमारी टीमें इस नेटवर्क के मुख्य मास्टरमाइंड और अन्य सहयोगियों की पहचान स्थापित करने में जुटी हैं."
पुलिस अब इन खातों के जरिए किए गए सभी वित्तीय लेनदेन (ट्रांजैक्शंस) को ट्रैक कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि चारधाम यात्रा के नाम पर अब तक श्रद्धालुओं से कुल कितने लाख या करोड़ रुपये की ठगी की जा चुकी है. प्रशासन ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे हेलीकॉप्टर टिकटों की बुकिंग केवल उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही करें.
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 10, 2026 12:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

