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Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि में मां अम्बे की उपासना सभी भक्तों को भावविभोर कर देती है; पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्र के चौथे दिन की शुभकामनाएं देशवासियों को दीं. उन्होंने अपने संदेश के साथ 'अम्बा स्तवम्' सुनने की अपील लोगों से की. वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मां कूष्मांडा और मां स्कंदमाता की महिमा का गुणगान किया और लोक कल्याण की प्रार्थना की.

Chaitra Navratri 2025: नवरात्रि में मां अम्बे की उपासना सभी भक्तों को भावविभोर कर देती है; पीएम मोदी
(Photo Credits ANI)

दिल्ली, 2 अप्रैल : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्र के चौथे दिन की शुभकामनाएं देशवासियों को दीं. उन्होंने अपने संदेश के साथ 'अम्बा स्तवम्' सुनने की अपील लोगों से की. वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मां कूष्मांडा और मां स्कंदमाता की महिमा का गुणगान किया और लोक कल्याण की प्रार्थना की.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, नवरात्रि में मां अम्बे की उपासना सभी भक्तों को भावविभोर कर देती है. देवी मां के स्वरूपों को समर्पित यह स्तुति अलौकिक अनुभूति देने वाली है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने इस संबंध में दुर्गा स्तुति 'अम्बा स्तवम्' सुनने की सलाह भी दी. उन्होंने एक यू ट्यूब लिंक शेयर किया जिसमें 9 बालिकाएं मां की स्तुति कर रही हैं. ये अमृतमय 'स्वराभिषेकम' ब्रह्माश्री सदाशिवन ने लिखा है और कुलदीप एम. पई ने इसे संगीत में पिरोया है. यह भी पढ़ें : Buldhana Road Accident: महाराष्ट्र के बुलढाणा में बस और कार की टक्कर में 5 लोगों की मौत

वहीं, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मां कूष्मांडा और मां स्कंदमाता का गुणगान किया. पहली पोस्ट में मां कूष्मांडा से कृपा की याचना करते हुए लिखा- सिद्धियों और निधियों की प्रदात्री, शक्ति स्वरूपा मां भगवती के चतुर्थ स्वरूप मां कूष्माण्डा से प्रार्थना है कि सभी भक्तों तथा प्रदेश वासियों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करें.

इसके बाद सीएम योगी ने लिखा- नमामि स्कन्दमातरं स्कन्धधारिणीम्. समग्रतत्त्वसागरामपारपारगहराम्. आदिशक्ति मां दुर्गा के पंचम स्वरूप स्कन्दमाता की पूजा-अर्चना से उन्नति एवं प्रगति के मार्ग प्रशस्त होते हैं. जगजननी से प्रार्थना है कि आपका आशीर्वाद सकल संसार पर बना रहे, सभी का कल्याण हो. जय मां स्कन्दमाता!

बता दें कि माता कुष्मांडा के रूप में पूजी जाने वाली देवी दुर्गा को ब्रह्मांड की रचयिता के रूप में जाना जाता है, जो जीवन प्रदान करने वाली दीप्तिमान मुस्कान का प्रतीक हैं. कूष्मांडा का अर्थ छोटा और अंडाकार ऊर्जा पिंड है. यह हमारे हृदयस्थ स्थिति का प्रतीक भी है. मां समृद्धि, स्वास्थ्य और साहस का प्रतिनिधित्व करती हैं. देवी कुष्मांडा को हिंदू दर्शन में सौर मंडल की सर्वोच्च देवी माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि माता कूष्मांडा की पूजा करने से उनके सभी भक्तों को सभी बीमारियों, दुखों और खामियों से लड़ने की क्षमता मिलती है.

नवरात्रि की पंचमी तिथि को मां दुर्गा के स्कन्दमाता स्वरूप की पूजा की जाती है. स्कन्दमाता को भगवान कार्तिकेय (स्कन्द) की माता के रूप में जाना जाता है. ये मां दुर्गा का ममता और शक्ति से भरा रूप हैं, जो अपने भक्तों को स्नेह और आशीर्वाद देती हैं. स्कन्दमाता को शक्ति, साहस और ज्ञान की देवी माना जाता है.

स्कन्दमाता चार भुजाओं वाली हैं. उनकी दो भुजाओं में कमल के फूल हैं, एक भुजा से वे भक्तों को आशीर्वाद देती हैं और चौथी भुजा में वे अपने पुत्र स्कन्द (कार्तिकेय) को गोद में लिए हैं. मां का यह रूप बेहद शांत और सौम्य है. वे श्वेत वस्त्र पहनती हैं और कमल के आसन पर विराजमान रहती हैं, इसलिए इन्हें "पद्मासना" भी कहते हैं. उनका वाहन शेर है, जो शक्ति और नन्हे स्कन्द के साथ ममता का अनोखा संगम दिखाता है.

"स्कन्द" भगवान कार्तिकेय का नाम है और "माता" यानी मां. इस तरह स्कन्दमाता का मतलब है कार्तिकेय की मां. कार्तिकेय को सेनापति के रूप में पूजा जाता है, और उनकी मां होने के नाते स्कन्दमाता भी शक्ति और संरक्षण की प्रतीक हैं

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 02, 2025 10:06 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).