Census 2027 Phase-II: डिजिटल जनगणना के दूसरे चरण की शुरुआत; लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और पर्वतीय क्षेत्रों में 'स्व-गणना' शुरू, 40 सवालों में जाति भी शामिल

भारत की पहली डिजिटल जनगणना 'जनगणना 2027' के दूसरे चरण (जनसंख्या गणना) की औपचारिक शुरुआत हो गई है. लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में 17 से 31 अगस्त 2026 तक 15 दिवसीय ऑनलाइन स्व-गणना प्रक्रिया शुरू की गई है. गृह मंत्रालय द्वारा अधिसूचित 40 सवालों की सूची में आजादी के बाद पहली बार व्यापक जाति गणना को भी शामिल किया गया है.

Representative image (Photo/ANI)

नई दिल्ली: देश की बहुप्रतीक्षित और पहली डिजिटल जनगणना (Census 2027) के दूसरे चरण—जनसंख्या गणना (Population Enumeration)—की औपचारिक शुरुआत सोमवार (17 अगस्त 2026) से हो गई है. इसके तहत केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड के गैर-समकालिक बर्फबारी वाले (Snow-bound non-synchronous) क्षेत्रों में 15 दिवसीय स्व-गणना (Self-Enumeration / स्व-गणना) प्रक्रिया शुरू की गई है.

यह सुविधा इन अधिसूचित क्षेत्रों के निवासियों के लिए 31 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगी. स्व-गणना एक डिजिटल विकल्प है जिसके तहत नागरिक प्रगणक (Field Worker) के घर आने से पहले आधिकारिक वेब पोर्टल पर स्वयं अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं. यह भी पढ़ें: Census 2027 Self Enumeration: अब घर बैठे ऑनलाइन भरें अपनी जानकारी, जानें सेल्फ-एन्युमरेशन की पूरी प्रक्रिया और राज्यों का शेड्यूल

बर्फबारी वाले क्षेत्रों का समय-सारणी और संदर्भ तिथि

मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों और भौगोलिक चुनौतियों के कारण इन उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में जनसंख्या गणना का समय देश के अन्य हिस्सों से अलग रखा गया है:

नोट: देश के अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मैदानी इलाकों में जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी 2027 में आयोजित किया जाएगा.

40 सवालों की सूची अधिसूचित: आजादी के बाद पहली बार जाति गणना

केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के अधीन भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय (ORGI) ने जनसंख्या गणना के लिए 40 सवालों की विस्तृत प्रश्नावली अधिसूचित की है:

दो चरणों में पूरी हो रही है जनगणना प्रक्रिया

जनगणना 2027 को दो प्रमुख चरणों में विभाजित किया गया है:

  1. प्रथम चरण (मकान सूचीकरण और आवास गणना): अप्रैल 2026 में शुरू हुआ यह चरण 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हो चुका है, जबकि शेष राज्यों में इसे सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है.
  2. द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना): यह चरण प्रत्येक व्यक्ति के जनसांख्यिकीय, सामाजिक-सांस्कृतिक और आर्थिक आंकड़ों को एकत्र करने पर केंद्रित है.

केंद्र सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए ₹11,718.24 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है. देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 7,092 उप-जिलों, 5,128 वैधानिक कस्बों, 4,580 जनगणना कस्बों और लगभग 6,39,902 गांवों में यह डिजिटल जनगणना संपन्न की जा रही है.

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