CCPA Penalty: ग्राहकों को गुमराह करने का आरोप, सीसीपीए ने 'डार्क पैटर्न' के इस्तेमाल पर SpiceJet पर ठोका ₹1 लाख का जुर्माना

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने स्पाइसजेट पर 'डार्क पैटर्न' के जरिए उपभोक्ताओं को गुमराह करने के आरोप में 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. एयरलाइन बुकिंग के दौरान ग्राहकों की सहमति के बिना उन्हें लॉयल्टी प्रोग्राम में शामिल कर रही थी.

(Photo Credits Twitter)

CCPA Penalty:  केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने विमानन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet) पर भ्रामक डिजाइन प्रथाओं, जिन्हें 'डार्क पैटर्न' (Dark Patterns) कहा जाता है, का उपयोग करने के लिए 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. उपभोक्ता नियामक ने पाया कि एयरलाइन अपने टिकट बुकिंग प्लेटफॉर्म पर पहले से टिक किए गए चेकबॉक्स (Pre-ticked Checkbox) के जरिए ग्राहकों को उनकी जानकारी के बिना स्पाइसजेट लॉयल्टी प्रोग्राम में शामिल कर रही थी. इसके अलावा, ग्राहकों की स्पष्ट सहमति के बिना ही उन्हें प्रमोशनल मैसेज भेजने के लिए राजी मान लिया जाता था.

CCPA ने स्पाइसजेट के प्लेटफॉर्म पर पकड़े तीन 'डार्क पैटर्न'

CCPA की मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा के नेतृत्व में हुई जांच में सामने आया कि नोटिस मिलने के बाद भी स्पाइसजेट ने इस प्रथा को जारी रखा. एयरलाइन ने एक प्री-टिक्ड बॉक्स को हटाकर दूसरा बॉक्स लगा दिया, जो एसएमएस, व्हाट्सएप और ईमेल के जरिए विज्ञापन भेजने की सहमति मांगता था.  यह भी पढ़े:  SpiceJet Flight: मदुरै से दुबई जा रही स्पाइसजेट फ्लाइट में तकनीकी खराबी, चेन्नई में विमान की इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित

 मुख्य रूप से तीन प्रकार के डार्क पैटर्न की पहचान की है:

नियामक का कहना है कि इस तरह की प्रथाएं उपभोक्ताओं की स्वायत्तता को प्रभावित करती हैं और पारदर्शी व्यापार के सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं.

कानून के तहत प्री-टिक्ड बॉक्स की सहमति मान्य नहीं

CCPA ने स्पष्ट किया है कि प्री-टिक्ड बॉक्स, डिफॉल्ट सेटिंग्स या भ्रामक इंटरफेस डिजाइन के जरिए ली गई सहमति को भारतीय कानून के तहत वैध नहीं माना जा सकता. प्राधिकरण के अनुसार, स्पाइसजेट ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है, जो अनुचित व्यापार प्रथाओं और भ्रामक बयानों को रोकता है.

इसके अलावा, एयरलाइन को उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 के नियम 4(9) का भी दोषी पाया गया है. यह नियम अनिवार्य करता है कि उपभोक्ता की सहमति केवल उनके द्वारा किए गए स्पष्ट और सकारात्मक कृत्य (Affirmative Action) के जरिए ही ली जानी चाहिए.

स्पाइसजेट ने तकनीकी खराबी को बताया जिम्मेदार

मामले की सुनवाई के दौरान स्पाइसजेट ने CCPA के सामने तर्क दिया कि यह समस्या एक तकनीकी खराबी (Technical Error) के कारण उत्पन्न हुई थी. हालांकि, प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाते हुए एयरलाइन को एक हलफनामा जमा करने का निर्देश दिया है. इसमें कंपनी को यह पुष्टि करनी होगी कि सुधारात्मक उपाय लागू कर दिए गए हैं और वे स्थायी रूप से लागू रहेंगे.

CCPA ने दोहराया है कि वह डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करने और निष्पक्ष व पारदर्शी माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

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