CBSE Class 12 Re-Evaluation 2026: सीबीएसई ने जारी किए कक्षा 12वीं स्क्रूटनी और पुनर्मूल्यांकन के नतीजे, नई मार्कशीट के लिए पुरानी करना होगा सरेंडर
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं के वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के नतीजों की घोषणा चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दी है. जिन छात्रों के अंकों में बदलाव हुआ है, उन्हें नई फिजिकल मार्कशीट प्राप्त करने के लिए अपनी पुरानी मार्कशीट बोर्ड को सरेंडर करनी होगी.
CBSE Class 12 Re-Evaluation 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Central Board of Secondary Education) (CBSE) ने कक्षा 12वीं की अंक सत्यापन (Verification) और पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) प्रक्रियाओं के परिणामों को चरणबद्ध तरीके से जारी करना शुरू कर दिया है. बोर्ड सूत्रों ने सोमवार, 22 जून 2026 को पुष्टि की है कि इस शुरुआती चरण में कुल आवेदनों में से 87 प्रतिशत से अधिक का निपटारा कर नतीजे घोषित किए जा चुके हैं. इस प्रक्रिया के बाद जिन छात्रों के अंकों में संशोधन (बदलाव) हुआ है, उन्हें सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से नई संशोधित फिजिकल मार्कशीट वितरित की जाएगी. हालांकि, बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नया दस्तावेज हासिल करने के लिए छात्रों को अपनी पुरानी और मूल मार्कशीट अनिवार्य रूप से सरेंडर करनी होगी, ताकि दो अलग-अलग शैक्षणिक रिकॉर्ड्स के प्रचलन को रोका जा सके. यह भी पढ़ें: CBSE Class 12 Verification-Re-Evaluation Deadline: सीबीएसई कक्षा 12वीं अंक सत्यापन का पोर्टल आज होगा बंद, एक दिन की मिली थी मोहलत
डिजिलॉकर पर डिजिटल मार्कशीट तुरंत उपलब्ध
सीबीएसई ने इन नतीजों को आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाइव कर दिया है. बोर्ड ने एक सार्वजनिक बयान में कहा, "सीबीएसई ने कक्षा 12वीं के वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन के परिणामों को जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है." शेष बचे आवेदनों पर भी क्रमिक रूप से काम किया जा रहा है, जिसे जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा.
छात्र अपने क्रेडेंशियल्स का उपयोग करके आधिकारिक 'डिजिलॉकर' (DigiLocker) पोर्टल पर तुरंत अपने अपडेटेड स्कोर देख सकते हैं और डिजिटल मार्कशीट डाउनलोड कर सकते हैं. अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि ये डिजिटल मार्कशीट तुरंत प्रभावी और कानूनी रूप से पूरी तरह मान्य हैं. उच्च शिक्षा या कॉलेजों में चल रही दाखिला प्रक्रियाओं के लिए छात्र तुरंत इसका उपयोग कर सकते हैं.
पारदर्शिता के लिए आईआईटी कानपुर और मद्रास का सहयोग
इस वर्ष मूल्यांकन प्रक्रियाओं को लेकर बढ़ी संवेदनशीलता को देखते हुए बोर्ड ने इस पूरी प्रणाली में बाहरी तकनीकी और शैक्षणिक निगरानी को शामिल किया था. व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सीबीएसई ने 'डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन', आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) और आईआईटी मद्रास (IIT Madras) के तकनीकी विशेषज्ञों के साथ सहयोग किया है.
बोर्ड ने सभी हितधारकों को आश्वस्त किया है कि प्रत्येक छात्र के आवेदन को एक बेहद मजबूत और सावधानीपूर्वक मॉनिटर की गई प्रणाली के तहत प्रोसेस किया गया है. इस कड़े वेरिफिकेशन ढांचे के तहत, पुनर्मूल्यांकन के दायरे में आने वाली प्रत्येक उत्तर पुस्तिका की दो स्वतंत्र मूल्यांककों (Independent Evaluators) द्वारा दोबारा जांच की गई, जिसके बाद ही अंतिम अंकों को फ्रीज और लॉक किया गया है.
क्या रहा है 2026 की परीक्षा का घटनाक्रम?
यह पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया शैक्षणिक सत्र 2026 के अंतिम चरण को दर्शाती है. सीबीएसई ने शुरुआत में 13 मई 2026 को कक्षा 12वीं के लगभग 17.69 लाख उम्मीदवारों के मुख्य परिणाम घोषित किए थे. इसके बाद, जो छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं थे, उन्हें 19 मई से 25 मई के बीच अपनी मूल्यांकित उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन की गई प्रतियां डाउनलोड करने का अवसर दिया गया था.
स्कैन कॉपी की जांच के बाद जिन छात्रों को अंकों में गड़बड़ी या मूल्यांकन में चूक नजर आई, उन्हें 2 जून से 7 जून 2026 के बीच प्रश्न-वार पुनर्मूल्यांकन और अंक सत्यापन के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की अनुमति दी गई थी. बोर्ड ने छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी है कि वे भ्रामक सोशल मीडिया पोस्ट से बचें और समय-सीमा व अन्य जानकारियों के लिए केवल सीबीएसई के आधिकारिक सर्कुलर पर ही भरोसा करें.