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Britain D10 Plan: India-China सीमा विवाद के बीच ब्रिटेन का डी-10 प्लान, भारत को होगा फायदा तो चीन को होगा बड़ा नुकसान

कोरोना वायरस फैलाने का आरोप चीन पर लगातार लग रहा है. इसके साथ ही विश्व में चीन की छबि पर भी इसका असर पड़ा है. अमेरिका तो हर मोर्चे पर चीन को घेरता आ रहा है. बावजूद इन सब चीजों के चीन अपने नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. भारत के साथ चीन का बॉर्डर पर विवाद शुरू है.

Britain D10 Plan: India-China सीमा विवाद के बीच ब्रिटेन का डी-10 प्लान, भारत को होगा फायदा तो चीन को होगा बड़ा नुकसान
पीएम मोदी और शी जिनपिंग (Photo Credits-PTI)

नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus Pandemic) फैलाने का आरोप चीन पर लगातार लग रहा है. इसके साथ ही विश्व (World) में चीन (China) की छबि पर भी इसका असर पड़ा है. अमेरिका (America)  तो हर मोर्चे पर चीन को घेरता आ रहा है. बावजूद इन सब चीजों के चीन अपने नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. भारत (India) के साथ चीन का बॉर्डर (India-China Border Issue) पर विवाद शुरू है. लद्दाख में वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) चीनी सैनिकों की तैनाती के बाद भारत ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए वहां अपने जवानों को तैनात किया है. इसी बीच अब यूके (United Kingdom) ने चीन को बड़ा नुकसान पहुंचाने की ठानी है. जिसके चलते उसने एक प्लान भी बनाया है जिससे चीन के टेलिकॉम मार्केट (Telecom Market) को बड़ा नुकसान होगा.

रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन की सरकार ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए चीन की दूरसंचार कंपनी हुआवेई को लेकर सुरक्षा से जुड़ी परेशानियों को ध्यान में रखकर भारत सहित 10 लोकतांत्रिक देशों का एक 5जी क्लब बनाने जा रहा है. इसके लिए उसने अमेरिका से संपर्क भी किया हुआ है. डी-10 की इस लिस्ट में ब्रिटेन, अमेरिका, भारत, इटली, जर्मनी, फ्रांस, जापान, कनाडा’ के अलावा ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया का समावेश होगा। इसके पीछे मकसद है चीन पर निर्भरता को कम करना है. यह भी पढ़ें-चीन-नेपाल को गृह मंत्री अमित शाह की दो टूक- हम किसी का कुछ नहीं लेना चाहते हैं, लेकिन हमारा लेने की कोशिश करने वाले को देंगे मुंह तोड़ जवाब

ज्ञात हो कि ब्रिटेन का यह कदम कई मायनों में खास है. इससे चीन को आर्थिक मसले पर काफी नुकसान होगा। इससे पहले ब्रिटेन ने हुआवेई पर अमेरिका के द्वारा लगाये गये बैन के मद्देनजर कंपनी के खिलाफ नई सिरे से जांच शुरू की है. वैसे यूरोप की दो कंपनियों ही सिर्फ 5जी से संबंधित उपकरणों की आपूर्ति करती हैं. जिसमें  नोकिया और एरिक्सन का समावेश है. ऐसे में ब्रिटेन के इस कदम का चीन पर कितना असर पड़ता है यह आने वाले समय में साफ हो जाएगा.

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 02, 2020 02:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).