Brij Bhushan Singh Acquitted: बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली कोर्ट से बड़ी राहत, महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न मामले में बरी
यह पूरा मामला दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई उस प्राथमिकी (FIR) से जुड़ा था, जो देश के प्रमुख महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर दर्ज की गई थी. इस विवाद के चलते नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों ने लंबा विरोध प्रदर्शन भी किया था.
Brij Bhushan Singh Acquitted: भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट से बड़ी कानूनी राहत मिली है. सोमवार, 3 अगस्त 2026 को अदालत ने महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में बृजभूषण शरण सिंह और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर दोनों को बरी कर दिया. अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्वनी पंवार की पीठ ने इन-कैमरा (बंद कमरे में) सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया.
मामला और दिल्ली पुलिस की चार्जशीट
यह पूरा मामला दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज की गई उस प्राथमिकी (FIR) से जुड़ा था, जो देश के प्रमुख महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर दर्ज की गई थी. इस विवाद के चलते नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों ने लंबा विरोध प्रदर्शन भी किया था. यह भी पढ़े: Ayodhya Hanumangarhi Row: सीएम योगी आदित्यनाथ के दावे पर पूर्व बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह का पलटवार, बोले- 'हनुमानगढ़ी में कभी नहीं पढ़ी गई नमाज' (Watch Video)
लंबी जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने 15 जून 2023 को कोर्ट में करीब 1,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. चार्जशीट में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (महिला की लज्जा भंग करना), 354A (यौन उत्पीड़न), 354D (पीछा करना) और 506(1) (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप तय किए गए थे. मामले में विनोद तोमर को सह-आरोपी बनाया गया था.
अदालत में दी गई अंतिम दलीलें
मुकदमे के दौरान अदालत ने विशेष जांच दल (SIT) के सदस्यों और जांच अधिकारी के बयान दर्ज किए. अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से लंबी बहस के बाद अंतिम दलीलें पूरी हुई थीं.
शिकायतकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने पक्ष रखा, जबकि बचाव पक्ष का नेतृत्व वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव मोहन, रेहान खान और ऋषभ भाटी ने किया. दोनों पक्षों की अंतिम दलीलों और साक्ष्यों का अध्ययन करने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे आज सुनाते हुए आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया गया.
कुश्ती संघ विवाद की पृष्ठभूमि
बृजभूषण शरण सिंह पर भारतीय और विदेशी दौरों के दौरान पद का दुरुपयोग करते हुए महिला पहलवानों के साथ अनुचित व्यवहार करने के आरोप लगे थे. इन आरोपों के बाद उन्हें कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष पद से हटना पड़ा था.
अदालत के इस फैसले को बृजभूषण शरण सिंह और उनके समर्थकों के लिए एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है. अदालत के अंतिम फैसले के बाद मामले में कानूनी प्रक्रिया का यह अध्याय समाप्त हो गया है.