Borivali Shocker: एड्रेस वेरिफिकेशन करने आई महिला बैंककर्मी से बदसलूकी, कस्टमर ने जबरन किया KISS; जानें शख्स को क्या मिली सजा?

मुंबई के बोरीवली से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां एक महिला बैंककर्म के साथ एड्रेस वेरिफिकेशन के दौरान बदतमीजी की गई. आरोपी ने महिला को जबरन पकड़कर किस किया और फिर उससे गलत तरीके से छूने की कोशिश की.

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Borivali Shocker: मुंबई के बोरीवली से एक शर्मनाक मामला सामने आया है, जहां एक महिला बैंककर्म के साथ एड्रेस वेरिफिकेशन के दौरान बदतमीजी की गई. आरोपी ने महिला को जबरन पकड़कर किस किया और फिर उससे गलत तरीके से छूने की कोशिश की. अब इस हरकत की उसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है. कोर्ट ने आरोपी को एक साल की कड़ी सजा सुनाई है. यह घटना साल 2020 की है. मलाड वेस्ट स्थित एक निजी बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर तैनात महिला कर्मचारी को एड्रेस वेरिफिकेशन के लिए बोरीवली निवासी नरेंद्र रघुनाथ सगवेकर के घर भेजा गया था.

सगवेकर ने बैंक में नया खाता खुलवाने के लिए अप्लाई किया था, और उसी प्रक्रिया के तहत बैंक ने उसका एड्रेस चेक करने के लिए महिला को भेजा.

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गाल व गर्दन पर जबरदस्ती किस किया

सब कुछ सामान्य चल रहा था. इसी दौरान अचानक ही सगवेकर ने महिला को पकड़ लिया और गाल व गर्दन पर जबरदस्ती किस किया. महिला ने विरोध किया, खुद को छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने जबरदस्ती उसे छूने की भी कोशिश की. किसी तरह से वो वहां से निकलकर वापस बैंक पहुंची और अपने सीनियर को पूरी बात बताई. उसी शाम पुलिस में शिकायत दर्ज की गई.

आरोपी ने सभी आरोपों को झूठा बताया

इस मामले में बोरीवली मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट में ट्रायल चला. आरोपी ने सभी आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि उसे बैंक वालों ने जानबूझकर फंसाया है. उसके वकील ने यह भी तर्क दिया कि महिला के बयानों में विरोधाभास हैं और कोई स्वतंत्र गवाह भी नहीं है.

कोर्ट ने महिला की गवाही को भरोसेमंद माना

लेकिन कोर्ट ने इन बातों को नजरअंदाज करते हुए महिला की गवाही को भरोसेमंद माना. जज बी.एन. चिकने ने कहा कि ऐसी परिस्थिति में महिला का डर जाना और तुरंत रिपोर्ट करना दिखाता है कि घटना सच है. जज ने यह भी कहा कि पीड़िता का बयान साफ और स्पष्ट था, इसलिए उसे नकारने का कोई कारण नहीं बनता.

सजा में राहत देने की मांग

जब आरोपी दोषी साबित हो गया, तब उसके वकील ने सजा में राहत देने की मांग की, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया. जज ने कहा कि यह एक गंभीर अपराध है, जो किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाता है, और समाज में गलत संदेश जाता है अगर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई न हो.

कोर्ट ने आरोपी सुनाई कड़ी सजा

आखिरकार, कोर्ट ने आरोपी नरेंद्र सगवेकर को एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई और 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया. यह फैसला उन सभी के लिए चेतावनी है जो सोचते हैं कि महिलाओं के साथ बदतमीजी करके बच निकलेंगे.

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