बॉम्बे HC ने लाइसेंस निलंबन पर महाराष्ट्र FDA को लगाई फटकार, पुणे की मिठाई दुकान को ₹5 लाख मुआवजा देने का आदेश; जानें क्या है पूरा मामला

पुणे के वडगांव शेरी स्थित 'गुरुनानक डेरी एंड स्वीट्स' पर 12 जून को FDA अधिकारियों ने निरीक्षण किया था. इस दौरान स्वच्छता और सैनिटेशन संबंधी कमियां पाए जाने के बाद प्रशासन ने दुकान का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया था.

मुंबई: बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) ने महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को पुणे स्थित एक मिठाई की दुकान को 5 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है. अदालत ने दुकान का लाइसेंस लगातार निलंबित रखने के निर्णय पर सवाल उठाते हुए FDA की कार्रवाई को अनुचित ठहराया.

लाइसेंस निलंबन का पूरा मामला

पुणे के वडगांव शेरी स्थित 'गुरुनानक डेरी एंड स्वीट्स' पर 12 जून को FDA अधिकारियों ने निरीक्षण किया था. इस दौरान स्वच्छता और सैनिटेशन संबंधी कमियां पाए जाने के बाद प्रशासन ने दुकान का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया था.

अनुपालन रिपोर्ट और पुनः निरीक्षण

दुकान मालिक द्वारा स्वच्छता मानकों में सुधार की रिपोर्ट सौंपने के बाद 13 जुलाई को दुकान का दोबारा निरीक्षण किया गया. इस निरीक्षण में पाया गया कि दुकान ने 36 में से 35 मानकों को पूरा कर लिया है, जो कुल 98 प्रतिशत अनुपालन दर्शाता है. इसके बावजूद FDA ने लाइसेंस का निलंबन रद्द नहीं किया, जिससे दुकान का संचालन ठप रहा.

हाई कोर्ट का फैसला और मुआवजा

लगातार हो रहे वित्तीय नुकसान को देखते हुए कारोबारी ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने FDA के रवैये की आलोचना की और लाइसेंस निलंबन के आदेश को रद्द कर दिया.

अदालत ने दुकान को अपना संचालन तुरंत शुरू करने की अनुमति दी और FDA को 30 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता को 5 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया. उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जब कोई व्यवसाय बड़े पैमाने पर आवश्यक मानकों का पालन कर लेता है, तब नियामक निकायों को आनुपातिक और न्यायसंगत निर्णय लेना चाहिए.

इस फैसले से व्यापारी वर्ग को राहत मिली है. हालांकि, इस मामले में किसी भावी अपील या अतिरिक्त कानूनी कार्यवाही की पुष्टि नहीं हुई है.

Share Now