BMC Election Exit Poll Results 2026: बीएमसी एग्जिट पोल में चौंकाने वाले आंकड़े, मुंबई में 'महायुति' का दबदबा, उद्धव ठाकरे के हाथ से फिसल सकती है सत्ता!
मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव के मतदान के बाद आए एग्जिट पोल्स ने चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं.अनुमानों के मुताबिक, करीब तीन दशकों से बीएमसी पर राज करने वाली शिवसेना (UBT) को इस बार सत्ता से हाथ धोना पड़ सकता है, जबकि भाजपा-शिंदे गठबंधन (महायुति) को स्पष्ट बहुमत मिलने के आसार हैं.
BMC Election Exit Poll Results 2026: महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों सहित देश की सबसे अमीर महानगरपालिका, बीएमसी (BMC) के लिए गुरुवार को मतदान संपन्न हो गया. मतदान खत्म होते ही विभिन्न एजेंसियों के एग्जिट पोल (Exit Polls) सामने आ गए हैं, जो मुंबई की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहे हैं. एग्जिट पोल्स के आंकड़ों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और भाजपा के नेतृत्व वाला 'महायुति' गठबंधन बीएमसी की सत्ता पर काबिज होने की ओर अग्रसर है.
उद्धव ठाकरे के लिए अस्तित्व की लड़ाई
करीब 25 वर्षों तक बीएमसी पर राज करने वाले उद्धव ठाकरे गुट के लिए यह चुनाव अस्तित्व की लड़ाई माना जा रहा था, लेकिन शुरुआती रुझान उनके पक्ष में नजर नहीं आ रहे हैं. यह भी पढ़े: BMC Election Exit Poll Results 2026: मुंबई की सत्ता पर किसका होगा कब्ज़ा? ABP माझा पर देखें सबसे सटीक एग्जिट पोल के नतीजे
एग्जिट पोल के प्रमुख आंकड़े (अनुमानित सीटें)
प्रमुख सर्वे एजेंसियों ने 227 सीटों वाली बीएमसी में महायुति को स्पष्ट बहुमत मिलने का दावा किया है:
| सर्वे एजेंसी | महायुति (BJP+शिंदे) | ठाकरे गठबंधन (UBT+MNS) | कांग्रेस+ अन्य |
| Axis My India | 131 - 151 | 55 - 65 | 15 - 20 |
| JVC Exit Poll | 138 | 59 | 30 |
| Sakal Survey | 119 | 74 | 34 |
नोट: बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता है.
मराठी वोटों का बंटवारा और महायुति की बढ़त
एग्जिट पोल के विश्लेषण से पता चलता है कि मुंबई के पारंपरिक मराठी वोट बैंक में इस बार बड़ी सेंध लगी है. हालांकि 'एक्सिस माई इंडिया' के अनुसार 49% मराठी मतदाताओं ने अब भी ठाकरे भाइयों (उद्धव और राज) पर भरोसा जताया है, लेकिन भाजपा और शिंदे गठबंधन को मिलने वाले 30% मराठी वोट और उत्तर भारतीय व गुजराती मतदाताओं के ठोस समर्थन ने महायुति को जीत के करीब ला खड़ा किया है.
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने उन इलाकों में बेहतर प्रदर्शन किया है, जो कभी अविभाजित शिवसेना के गढ़ हुआ करते थे.
चुनाव में प्रमुख मुद्दे और समीकरण
यह चुनाव 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद पहला बड़ा नगर निकाय चुनाव है.
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शिंदे बनाम ठाकरे: असली शिवसेना कौन? इस लड़ाई का फैसला अब जनता की मोहर से होगा.
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विकास बनाम अस्मिता: महायुति ने इंफ्रास्ट्रक्चर और डबल इंजन सरकार के विकास को मुद्दा बनाया, जबकि ठाकरे गुट ने मुंबई के स्वाभिमान और 'मराठी मानुस' की अस्मिता पर जोर दिया.
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ठाकरे भाइयों की एकजुटता: राज और उद्धव ठाकरे का इस चुनाव में साथ आना भी एग्जिट पोल्स के अनुसार महायुति की आंधी को रोकने में विफल साबित होता दिख रहा है.
16 जनवरी को आएंगे नतीजे
हालांकि एग्जिट पोल्स के नतीजे केवल एक अनुमान हैं, लेकिन इनके संकेतों ने महायुति खेमे में जश्न का माहौल बना दिया है. दूसरी ओर, महाविकास अघाड़ी (MVA) के नेताओं ने इन आंकड़ों को खारिज करते हुए वास्तविक नतीजों का इंतजार करने की बात कही है.
वोटों की आधिकारिक गिनती शुक्रवार, 16 जनवरी को सुबह 10 बजे से शुरू होगी, जिसके बाद ही साफ हो पाएगा कि मुंबई का अगला 'मेयर' किस पार्टी का होगा.