Bird Flu: केरल में बर्ड फ्लू के मामले आए सामने, पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के नमक्कल में उठाए गए कड़े कदम
केरल में एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) फैलने की खबरों के बीच पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के नमक्कल जिले में पोल्ट्री फार्म अलर्ट हैं. यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े अंडा उत्पादन केंद्रों में से एक है. ऐसे में पोल्ट्री फार्मों ने बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए जैव-सुरक्षा और निगरानी उपायों को बढ़ाया है.
चेन्नई: केरल (Kerala) में एवियन इन्फ्लुएंजा यानी बर्ड फ्लू (Bird Flu) फैलने की खबरों के बीच पड़ोसी राज्य तमिलनाडु (Tamil Nadu) के नमक्कल जिले में पोल्ट्री फार्म अलर्ट हैं. यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े अंडा उत्पादन केंद्रों में से एक है. ऐसे में पोल्ट्री फार्मों ने बीमारी के फैलाव को रोकने के लिए जैव-सुरक्षा और निगरानी उपायों को बढ़ाया है. नमक्कल में करीब 1,500 पोल्ट्री फार्म हैं, जो कई भारतीय राज्यों और विदेशों के बाजारों में अंडे सप्लाई करते हैं. भारत की पोल्ट्री इंडस्ट्री में जिले की अहम भूमिका को देखते हुए अधिकारी और पोल्ट्री किसान कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं.
तमिलनाडु सरकार ने अंतर-राज्यीय बॉर्डर पर निगरानी बढ़ाई है. इसके अलावा, पोल्ट्री ट्रांसपोर्ट गाड़ियों की जांच की जा रही है और फार्मों में स्वास्थ्य निगरानी को सख्त कर दिया गया है. यह भी पढ़ें: Bird Flu: भारत में पहली बार घरेलू बिल्लियों में बर्ड फ्लू, इंसानों के लिए खतरे की घंटी?
नमककल में एक पोल्ट्री फार्म के मालिक पथसारथी ने कहा कि एहतियात के तौर पर और सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं. उन्होंने कहा, 'केरल में बीमारी फैलने के बाद हमने जैव-सुरक्षा के नियमों को और मजबूत किया है. यहां मुर्गियों को नियंत्रित माहौल में पाला जाता है और लगातार सफाई व कीटाणुनाशन का सख्ती से पालन किया जाता है. बीमारी फैलाने वाले जीवों को खत्म करने के लिए अक्सर फॉर्मेलिन का इस्तेमाल किया जाता है.’
उन्होंने आगे कहा कि पोल्ट्री फीड और अंडे ले जाने वाली गाड़ियों को फार्म में घुसने से पहले अच्छी तरह से कीटाणुरहित किया जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘केरल से आने वाले वाहनों के साथ अत्यधिक सावधानी बरती जा रही है. उन्हें फार्मों के पास आने की अनुमति देने से पहले पूरी तरह कीटाणुरहित किया जाता है.’
एक और पोल्ट्री किसान ने बताया कि बचाव के लिए वैक्सीनेशन और साफ-सफाई के तरीके फार्म को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं. उन्होंने कहा, हम यह सुनिश्चित करते हैं कि मुर्गियों को समय पर वैक्सीन लगाई जाए और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए. गीला कूड़ा, कचरा जमा होना या खराब फीड आसानी से इंफेक्शन फैला सकता है, इसलिए लगातार निगरानी जरूरी है. यह भी पढ़ें: Bihar Bird Flu: बिहार के भोजपुर में 20 कौओं की रहस्यमयी मौत, बर्ड फ्लू की आशंका से इनकार
पोल्ट्री प्रोडक्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव वल्सन परमेश्वरन ने कहा कि इंडस्ट्री खतरों को लेकर पूरी तरह अलर्ट है. उन्होंने कहा, ‘नमक्कल से रोजाना 50 लाख से अधिक अंडे निर्यात किए जाते हैं. एक्सपोर्ट वाले फार्म साल भर सख्त जैव-सुरक्षा मानकों का पालन करते हैं. मुर्गियों की हर 21 दिन में जांच की जाती है और फार्मों में इस्तेमाल होने वाले पानी का भी ट्रीट किया जाता है, ताकि रोगाणु खत्म हो जाएं.’
पशुपालन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अंतर-राज्यीय चेक पोस्ट पर निगरानी बढ़ा दी गई है. अधिकारी ने कहा, ‘नमक्कल का केरल से बॉर्डर नहीं है, लेकिन पोल्ट्री हब के रूप में इसकी महत्वपूर्णता इसे जोखिम में डालती है. हमने जांच, वाहन चेक और किसानों व वर्कर्स के लिए जागरूकता कार्यक्रम बढ़ाए हैं ताकि किसी भी प्रकोप का जल्दी पता लग सके और रोकथाम हो सके.’
(The above story first appeared on LatestLY on Dec 28, 2025 02:02 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

