RAC यात्रियों को बड़ी राहत: अब नहीं देना होगा पूरा किराया? संसदीय समिति ने रेलवे से की आंशिक रिफंड की सिफारिश
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo/ ANI)

नई दिल्ली: भारतीय ट्रेनों में RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है. संसद की लोक लेखा समिति (PAC) ने रेलवे में RAC यात्रियों से पूरा किराया वसूलने की दशकों पुरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. समिति ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब यात्री को सोने के लिए पूरी बर्थ नहीं मिलती, तो उससे पूरा किराया लेना ‘तर्कसंगत नहीं’ है. समिति ने रेल मंत्रालय (Ministry Of Railway) को निर्देश दिया है कि वह ऐसी व्यवस्था विकसित करे जिससे इन यात्रियों को किराये का एक हिस्सा वापस (Partial Refund) मिल सके. यह भी पढ़ें: Indian Railway: 11 साल में ट्रेनों से सफर हुआ आसान और सुरक्षित, 2026–27 में 7,900 किलोमीटर ट्रैक नवीनीकरण की योजना

संसदीय समिति की मुख्य आपत्तियां

4 फरवरी 2026 को संसद में पेश की गई अपनी रिपोर्ट भारतीय रेल में ट्रेनों के संचालन की समयबद्धता और यात्रा समय में समिति ने कई महत्वपूर्ण बिंदु उठाए हैं:

  • पूरी बर्थ नहीं, तो पूरा किराया क्यों?: समिति ने पाया कि चार्ट बनने के बाद भी कई यात्री RAC स्थिति में ही रहते हैं. उन्हें एक ही बर्थ साझा करनी पड़ती है, फिर भी वे कन्फर्म बर्थ वाले यात्री जितना ही किराया देते हैं.
  • रिफंड की कमी: वर्तमान में, यदि यात्री RAC टिकट पर यात्रा शुरू कर देता है, तो उसे किसी भी प्रकार का रिफंड नहीं मिलता. समिति ने इसे सेवा के स्तर और शुल्क के बीच का असंतुलन बताया है.

अमृत भारत एक्सप्रेस में RAC पर पाबंदी

इसी साल से भारतीय रेलवे ने अपनी प्रीमियम सेवाओं में बड़े बदलाव किए हैं. जनवरी 2026 से शुरू हुई अमृत भारत II योजना के तहत चलने वाली 12 नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों में RAC यात्रा को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है.

  • इन ट्रेनों में केवल कन्फर्म टिकट वाले यात्री ही आरक्षित डिब्बों (Sleeper) में चढ़ सकेंगे.
  • प्रमुख रूट: गुवाहाटी-रोहतक, हावड़ा-आनंद विहार टर्मिनल, और तिरुवनंतपुरम-तांबरम जैसे रूटों पर यह नियम लागू हो चुका है. इसका उद्देश्य यात्रियों के अनुभव को और बेहतर बनाना और भीड़ को नियंत्रित करना है.

सुपरफास्ट ट्रेनों के दर्जे पर भी सवाल

समिति ने केवल रिफंड ही नहीं, बल्कि ट्रेनों की गति और उनके 'सुपरफास्ट' टैग पर भी रेलवे को घेरा है.

वर्तमान RAC रिफंड नियम (IRCTC)

वर्तमान में RAC ई-टिकट पर रिफंड के नियम काफी सख्त हैं:

  • ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक ऑनलाइन TDR फाइल करना या टिकट कैंसिल करना जरूरी है.
  • एक बार यात्रा शुरू होने के बाद, भले ही आप पूरी रात बैठकर सफर करें, कोई रिफंड देय नहीं होता.