21 अप्रैल की बड़ी खबरें और अपडेट्स
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उद्घाटन से एक दिन पहले रिफाइनरी में लगी आग, पीएम मोदी का दौरा टला
टिम कुक ने छोड़ा सीईओ पद, नए सीईओ जॉन टर्नस करेंगे एआई पर फोकस
गाजा में ‘पुनर्निर्माण’ को लेकर बातचीत कर रहा ट्रंप का 'बोर्ड ऑफ पीस'
डॉनल्ड ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' के प्रतिनिधियों ने गाजा में सप्लाई चेन और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को संभालने को लेकर डीपी वर्ल्ड से बातचीत की है. रिपोर्ट के मुताबिक, यह चर्चा इस बात पर केंद्रित रही कि दोनों मिलकर लॉजिस्टिक्स कैसे चला सकते हैं. इसमें गाजा में आने वाली मानवीय मदद और जरूरी सामान की सप्लाई, वेयरहाउसिंग, ट्रैकिंग सिस्टम और सुरक्षा जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं.
दो साल की बमबारी में गाजा की करीब 80 फीसदी इमारतें तबाह हो चुकी हैं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का अनुमान है कि इसे दोबारा खड़ा करने में करीब 70 अरब डॉलर का खर्च आ सकता है. बातचीत में कुछ और आइडिया भी सामने आए, जैसे गाजा या मिस्र के पास नया पोर्ट बनाना, जिसे यूएई की कंपनी डीपी वर्ल्ड तैयार कर सकती है. साथ ही, इस इलाके में एक फ्री-ट्रेड जोन बनाने की भी बात हुई है, ताकि आर्थिक गतिविधियों को फिर से शुरू किया जा सके. हालांकि इस पर व्हाइट हाउस और डीपी वर्ल्ड की तरफ से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई.
ट्रंप ने पिछले साल सितंबर में “बोर्ड ऑफ पीस” का प्रस्ताव रखा था, जिसका मकसद गाजा में जंग खत्म करने की उनकी योजना को आगे बढ़ाना था. बाद में उन्होंने कहा कि यह बोर्ड दूसरे चल रहे संघर्ष पर भी काम कर सकता है. उनकी योजना में यह भी शामिल है कि हमास हथियार डाले और इसके बाद गाजा से इस्राएली सैनिकों की वापसी के साथ पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो.
उद्घाटन से एक दिन पहले रिफाइनरी में लगी आग, पीएम मोदी का दौरा टला
राजस्थान के बालोतरा जिले में स्थित रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स में सोमवार, 20 अप्रैल को आग लग गई. इस रिफाइनरी का मंगलवार, 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किया जाना था, लेकिन आग लगने की घटना की वजह से इसे टाल दिया गया है. तेल मंत्रालय के मुताबिक, किसी के हताहत या घायल होने की कोई सूचना नहीं है.
इस रिफाइनरी में सरकारी कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन एचपीसीएल की बड़ी हिस्सेदारी है. एचपीसीएल ने कहा है कि शुरुआती तौर पर ऐसा लग रहा है कि किसी वॉल्व से हाइड्रोकार्बन के रिसाव के कारण आग लगी. कंपनी ने बताया है कि प्लांट और उसकी यूनिटें, संरचनात्मक रूप से सुरक्षित और अप्रभावित हैं. तेल मंत्रालय ने कहा है कि आग लगने की वजह का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है.
यह भारत का पहला ग्रीनफील्ड इंटीग्रेटेड रिफाइनरी-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है. यह एचपीसीएल और राजस्थान सरकार का संयुक्त उद्यम है. इसे करीब 795 अरब रुपये की लागत से बनाया गया है और यहां जुलाई से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है. इसकी वेबसाइट के मुताबिक, यह रिफाइनरी सालाना 90 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल की प्रोसेसिंग कर सकती है.
टिम कुक ने छोड़ा सीईओ पद, नए सीईओ जॉन टर्नस करेंगे एआई पर फोकस
एप्पल ने सोमवार को लंबे समय से उनके साथ जुड़े हार्डवेयर प्रमुख जॉन टर्नस को नया सीईओ नियुक्त किया है. एआई की दौड़ में कंपनी खुद को नई पीढ़ी के बीच और ज्यादा लोकप्रिय बनाने की कोशिश कर रही है. मौजूदा सीईओ टिम कुक, जिन्होंने 15 साल में कंपनी की वैल्यू को 3.6 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाया, वे अब 1 सितंबर से एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे. टर्नस 2001 से एप्पल के साथ हैं और मैक जैसे प्रोडक्ट्स को फिर से लोकप्रिय बनाने में उनकी अहम भूमिका रही है. उन्होंने आईपैड और एयरपॉड्स जैसे प्रोडक्ट्स के विकास में भी करीब से काम किया है.
एप्पल को फिलहाल एआई के क्षेत्र में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. एआई चिप बनाने वाली एनवीडिया ने कंपनी स्कोरबोर्ड में एप्पल को पीछे छोड़ दिया है और निवेशकों को एप्पल की एआई रणनीति को लेकर चिंता में डाल दिया है. आईफोन में एआई को बेहतर तरीके से जोड़ना टर्नस के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी.
कंपनी ने जनवरी में अल्फाबेट की ‘गूगल जेमिनाइ’ तकनीक को सिरी में शामिल करने का समझौता किया, ताकि वर्चुअल असिस्टेंट को बेहतर बनाया जा सके. हालांकि, चैटजीपीटी जैसे प्लेटफॉर्म्स के मुकाबले एप्पल अभी तक एआई के मैदान में अपनी साख नहीं जमा पाया है. टेक विशेषज्ञ बॉब ओ’डॉनेल ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, “मुझे लगता है कि उनकी सबसे बड़ी चुनौती और फोकस एप्पल की अपनी क्षमताओं पर आधारित एक मजबूत एआई रणनीति तैयार करना होगा, ताकि तीसरे पक्ष पर निर्भरता कम हो.”
50 वर्षीय टर्नस को हाल के वर्षों में कंपनी ने ज्यादा सार्वजनिक रूप से सामने लाना शुरू किया है. उन्होंने हाल ही में आईफोन एयर पेश किया, जो लगभग एक दशक में सबसे बड़ा बदलाव माना जा रहा है. उन्हें मेटा प्लेटफॉर्म्स और अन्य कंपनियों से भी मुकाबला करना होगा, जो नए डिवाइस और एआई तकनीक पर तेजी से काम कर रही हैं. वहीं, टिम कुक के नेतृत्व में एप्पल ने जबरदस्त वृद्धि हासिल की, खासकर चीन में सप्लाई चेन के विस्तार के जरिए. आज भी कंपनी कई अहम पुर्जों के लिए चीन पर निर्भर है. कुक आगे भी नीति-निर्माताओं के साथ काम करते रहेंगे और कंपनी की रणनीतिक दिशा में अहम भूमिका निभाते रहेंगे.