देश

कोरेगांव-भीमा: सुप्रीम कोर्ट ने बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर लगाई रोक

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें उसने कोरेगांव-भीमा हिंसा मामले में आरोप-पत्र दाखिल करने के लिए राज्य की पुलिस को और समय देने से इनकार कर दिया था.

कोरेगांव-भीमा: सुप्रीम कोर्ट ने बंबई उच्च न्यायालय के आदेश पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट (Photo Credits: File Photo)

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को बंबई उच्च न्यायालय के उस आदेश पर रोक लगा दी जिसमें उसने कोरेगांव-भीमा हिंसा मामले में आरोप-पत्र दाखिल करने के लिए राज्य की पुलिस को और समय देने से इनकार कर दिया था. हिंसा मामले में नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के खिलाफ जांच रिपोर्ट दायर करने की खातिर पुलिस को और समय देने के निचली अदालत के आदेश को बंबई उच्च न्यायालय ने हाल में निरस्त कर दिया था.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने महाराष्ट्र सरकार की अपील पर गौर करते हुए उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी और याचिका पर नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया. इससे पहले शीर्ष अदालत ने कोरेगांव-भीमा हिंसा मामले के सिलसिले में महाराष्ट्र पुलिस द्वारा नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने के मामले में दखल देने से इनकार कर दिया था और उनकी गिरफ्तारी की जांच के लिए एसआईटी गठित करने से भी इनकार कर दिया था. यह भी पढ़े: भीमा कोरेगांव: SC ने पांचों वामपंथी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर फैसला रखा सुरक्षित, सोमवार तक रहेंगे नजरबंद

गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत पुणे पुलिस ने कथित माओवादी संपर्कों के चलते अधिवक्ता सुरेंद्र गाडलिंग, नागपुर विश्वविद्यालय में प्राध्यापक शोमा सेन, दलित कार्यकर्ता सुधीर धावले, कार्यकर्ता महेश राउत और केरल के निवासी रोना विल्सन को जून में गिरफ्तार किया था. पिछले वर्ष 31 दिसंबर को पुणे में हुए एल्गार परिषद के सम्मेलन के सिलसिले में उनके आवासों और कार्यालयों पर छापे मारे गए थे. पुलिस का दावा है कि उक्त सम्मेलन के कारण ही अगले दिन कोरेगांव-भीमा में हिंसा हुई थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Oct 29, 2018 12:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).