ITR Refund Scam: सावधान! टैक्सपेयर्स को चूना लगा रहे फर्जी CA, फर्जी दावों से ज्यादा रिफंड दिलाने का कर रहे दावा
ITR Filing 2025

ITR Refund Scam: अगर आपने ज्यादा टैक्स रिफंड पाने के चक्कर में किसी एजेंट की बातों में आकर झूठे डिडक्शन दिखाए हैं, तो अब संभल जाइए. इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने ऐसे मामलों में सख्त एक्शन शुरू कर दिया है. जिन टैक्सपेयर्स ने फर्जी क्लेम किया है, अब उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं और जवाब न देने पर कड़ी कार्रवाई तय मानी जा रही है. दरअसल, कुछ टैक्स एजेंट्स और खुद को प्रोफेशनल कहने वाले लोग टैक्सपेयर्स को यह भरोसा दिलाते हैं कि वे उन्हें मोटा टैक्स रिफंड दिलवा सकते हैं. इसके लिए वे ITR में फर्जी HRA, 80C, 80D, 80G या होम लोन इंटरेस्ट जैसे डिडक्शन जोड़ते हैं. बदले में मोटा कमीशन वसूलते हैं.

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देशभर में कई फर्जी रैकेट कर रहे काम

इनकम टैक्स विभाग की ताजा कार्रवाई में सामने आया है कि देशभर में ऐसे कई फर्जी रैकेट काम कर रहे हैं. इनमें कई ऐसे लोग शामिल हैं जो चार्टर्ड अकाउंटेंट नहीं हैं, लेकिन खुद को CA बताकर आम लोगों को ठगते हैं. ये लोग ऑनलाइन फॉर्म भरने में मदद करने के नाम पर लोगों से जरूरी डिटेल्स लेते हैं और फिर उनका गलत इस्तेमाल कर देते हैं.

हजारों टैक्सपेयर्स का डॉक्युमेंटेशन नहीं

अब डिपार्टमेंट ने डेटा एनालिटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और थर्ड पार्टी जानकारी के जरिए ऐसे मामलों की पहचान करनी शुरू की है. पिछले कुछ महीनों में करीब 150 जगहों पर छापे और सर्वे हो चुके हैं. शुरुआती जांच में ये भी सामने आया है कि हजारों टैक्सपेयर्स ने ऐसे डिडक्शन क्लेम किए, जिनका कोई डॉक्युमेंटेशन नहीं है.

टैक्सपेयर्स के लिए जरूरी सलाह

  • ITR सिर्फ किसी रजिस्टर्ड टैक्स एक्सपर्ट या CA से भरवाएं.
  • रिफंड के बदले कमीशन देने की बात करने वालों से दूरी बनाएं.
  • सभी डिडक्शन के दस्तावेज साथ रखें.
  • गलती हो गई हो तो ITR-U के जरिए सुधार करें.
  • किसी भी चेतावनी को हल्के में न लें.

जुर्माना और केस भी हो सकता है

अब तक 40,000 से ज्यादा लोगों ने खुद ही अपनी गलती मानते हुए ITR अपडेट कर दिया है और करीब ₹1,045 करोड़ के गलत क्लेम वापस ले लिए हैं. लेकिन कई अब भी चुप हैं और कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं.

विभाग का कहना है कि अगर अब भी किसी ने फर्जी डिडक्शन नहीं हटाए, तो न सिर्फ रिफंड रोका जाएगा, बल्कि जुर्माना और केस भी हो सकता है. कुछ मामलों में तो आपराधिक धाराओं में जांच तक शुरू हो गई है.