Banda Hostel Tragedy: बांदा हॉस्टल में संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से 2 छात्रों की मौत, 1 अस्पताल में भर्ती; गैरकानूनी तरीके से चल रहा था हॉस्टल
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में स्थित एक स्कूल हॉस्टल में पेट दर्द की शिकायत के बाद दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य छात्र गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है.
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Banda Hostel Tragedy: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में स्थित एक स्कूल हॉस्टल में पेट दर्द की शिकायत के बाद दो बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य छात्र गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है. सोमवार, 17 अगस्त की सुबह हुई इस दर्दनाक घटना के पीछे संदिग्ध फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई जा रही है. जांच के दौरान अधिकारियों ने खुलासा किया है कि यह हॉस्टल बिना किसी आधिकारिक अनुमति के अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था.
बांदा हॉस्टल घटनाक्रम
यह घटना सिटी कोतवाली क्षेत्र के झील का पुरवा स्थित बीएल विद्या मंदिर के आवासीय हॉस्टल की है, जहां कुल 34 बच्चे रहते हैं. रविवार, 16 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे बच्चों ने रात के खाने में दाल, रोटी और सब्जी खाई थी. हालांकि, परिजनों और स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, बच्चों ने शाम को मोमोज भी खाए थे.
तबीयत बिगड़ने का घटनाक्रम इस प्रकार रहा:
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तड़के 3:00 बजे: कक्षा 6 के 12 वर्षीय छात्र नितिन ने हॉस्टल वार्डन से पेट में तेज दर्द की शिकायत की.
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तड़के 3:30 बजे: कक्षा 2 के 8 वर्षीय छात्र अरुण को भी पेट में इसी तरह का असहनीय दर्द शुरू हुआ.
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सुबह 5:00 बजे: दोनों बच्चों को आनन-फानन में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
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शाम 5:30 बजे: चंद्रपाल (8 वर्ष) नाम के एक और छात्र की तबीयत खराब होने पर उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया.
प्रशासनिक कार्रवाई और जांच
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम हरकत में आई. बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ए.आर. तिवारी ने दो बच्चों की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि संबंधित स्कूल के पास हॉस्टल चलाने की कोई मान्यता नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और पीड़ित बच्चों ने मोमोज खाए थे.
अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) शिवराज ने बताया कि दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है. पुलिस टीमें बीमारी के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए मामले के हर पहलू की जांच कर रही हैं.
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
हादसे की खबर मिलते ही मृतक बच्चों के परिजन बदहवास होकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे. मृतक अरुण की मां ने आरोप लगाया कि बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर स्कूल प्रशासन ने समय पर परिवार को सूचित नहीं किया.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि मौत की वजह फूड पॉइजनिंग थी या कुछ और. इस बीच, जिला प्रशासन ने हॉस्टल की कानूनी वैधता और सुरक्षा मानकों की जांच शुरू कर दी है.
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 18, 2026 11:54 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

