बाबरी विध्वंस मामला: CBI जज रुका प्रमोशन, सुप्रीम कोर्ट से लगाई गुहार
सुप्रीम कोर्ट ने 19 अप्रैल, 2017 को कहा था कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता आडवाणी, जोशी और उमा भारती पर 1992 के राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप में मुकदमा चलेगा
नई दिल्ली. विशेष सीबीआई जज एसके यादव की याचिका पर उत्तर प्रदेश की सरकार को नोटिस जारी कर के सुप्रीम कोर्ट ने जवाब मांगा है. विशेष सीबीआई जज एसके यादव बाबरी विध्वंस मामले की सुनवाई करने वाले जज हैं. जज एसके यादव ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है कि उनका प्रमोशन न रोका जाए. उन्होंने हाई कोर्ट को उन्हें जिला जज पद पर अपने पदोन्नति की मांग की है.
विशेष सीबीआई जज एसके यादव की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल पूछा है कि वो किस तरीके से ट्रायल को वक्त पर पूरा कर लेंगे. सीलबंद लिफाफे में कोर्ट ने इसका जवाब मांगा है. जज एसके यादव की याचिका पर इलहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को भी नोटिस जारी किया गया है. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 19 अप्रैल, 2017 को कहा था कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता आडवाणी, जोशी और उमा भारती पर 1992 के राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आपराधिक साजिश के गंभीर आरोप में मुकदमा चलेगा और रोजाना सुनवाई करके इसकी कार्यवाही 19 अप्रैल, 2019 तक पूरी की जायेगी.
जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि बाबरी मस्जिद मामले की सुनवाई कर रही निचली अदालत के जजों को निर्णय दिए जाने तक स्थानांतरित नहीं किया जाएगा. जिसके बाद इस मामले की सुनवाई दो साल में पूरी करने का आदेश भी सुप्रीम कोर्ट ने दिया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Sep 10, 2018 02:31 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

